By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 27, 2026
भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच समन्वय जरूरी है। आरबीआई ने 60 प्रमुख बैंकों के कार्यकारी निदेशकों और धोखाधड़ी जोखिम प्रबंधन प्रमुखों के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया था। यह कार्यशाला बुधवार को संपन्न हुई। कार्यशाला में केंद्रीय गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) और महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारियों ने भाग लिया।
धोखाधड़ी की रोकथाम पर महत्व पर जोर दिया
आरबीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘कार्यशाला में इस तरह की धोखाधड़ी को लेकर बढ़ती चिंताओं को प्रभावी ढंग से दूर करने के लिए सभी संबंधित पक्षों के बीच मजबूत समन्वय की जरूरत बतायी गयी।’’ साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम और उसे कम करने के लिए मजबूत संचालन और निगरानी व्यवस्था, मजबूत आंतरिक नियंत्रण, सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के उपयोग के महत्व पर जोर दिया गया।
आरबीआई ने बैंकों से इन प्रयासों के तहत लक्षित ग्राहक जागरूकता अभियान चलाने को भी कहा। कार्यशाला में बैंकों ने साइबर धोखाधड़ी की रोकथाम और उसे कम करने के लिए अपनाई गई बेहतर गतिविधियों और तकनीकी उपायों को साझा किया। बयान में कहा गया है कि यह कार्यशाला रिजर्व बैंक द्वारा बैंकों के साथ चल रहे पर्यवेक्षी और विकासात्मक जुड़ाव का एक हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती घटनाओं और उसके बढ़ते जटिल स्वरूप से निपटना था।