RD Burman: हिन्दी फ़िल्म संगीत में बेमिसाल रहा है आरडी बर्मन का योगदान

By रेनू तिवारी | Jan 04, 2023

राहुल देव बर्मन उर्फ आरडी बर्मन संगीत की दुनिया के एक गेम-चेंजर थे, जिन्होंने हिंदी संगीत को एक वैश्विक प्रतिध्वनि के साथ जोड़ा। उस्ताद एस डी बर्मन के पुत्र, राहुल देव बर्मन ने अपनी शास्त्रीय विरासत के साथ, जैज़, रॉक और पॉप के डैश के साथ हिंदी प्लेबैक को एक बड़ा तोहफा दिया। बास गिटार, ध्वनिक गिटार, बोंगो, अफ्रीकी ड्रम का प्रयोग करके बर्मन जी ने अद्भुत संगीत दिया। आजा आजा (तीसरी मंजिल), पिया तू अब तो आजा (कारवां), दम मारो दम (हरे रामा हरे कृष्णा), लेकर हम दीवाना दिल (यादों की बार्ता), बचना ऐ हसीनों (हम किसी से कम नहीं)...राहुल देव बर्मन की रसिक ट्रैक सबसे कम बोलने वालों को भी डांस फ्लोर पर खींच सकते हैं...

इसे भी पढ़ें: Birthday Special: रफ़ी साहब की आवाज का जादू आज भी कायम है

रिपोर्ट्स यह भी कहती हैं कि कई निर्माताओं ने उनसे नाता तोड़ लिया था। इन सबके बीच संगीतकार ने सुपरस्टार देव आनंद से मदद मांगी थी। आरडी बर्मन ने देव आनंद को प्यार से देव साहब बुलाते थे। आरडी बर्मन के पिता ने जब देव आनंद बॉलीवुड में नये आये थे तब उनकी मदद की थी। उसके बाद देव साहब ने मेरे पिता का साथ नहीं छोड़ा।

लेखक खगेश देव बर्मन से उन्होंने एक बातचीत में कहा था कि "जब मेरे पिता सचिन देव बर्मन बीमार थे तब उनके साथ रहने वाले एकमात्र देव आनंद थे- उन्होंने मेरे पिता से चिंता न करने के लिए कहा, कि वह फिल्म में देरी करेंगे। आज एक संगीत निर्देशक के लिए ऐसा कोई भी कभी नहीं करेगा। पाँच महीने बाद, जब मेरे पिता ठीक हो गए, तो हमने फिल्म गाइड के लिए पांच धुनें दी थी जिसमें से चार देव साहब को पंसद आई थी। 

आरडी बर्मन को बचपन से ही संगीत का बहुत बड़ा शौक था और उन्होंने अपने पिता से प्रशिक्षण लिया, जो एक संगीतकार भी थे। उन्होंने अपना करियर नौ साल की उम्र में फिल्म फंटूश (1956) से शुरू किया था उन्होंने इस फिल्म में पहला गाना तैयार किया था। बाद में उनके कई गाने मशहूर हुए जैसे कि 'सर जो तेरा चक्रे' (प्यासा), 'मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू' (आराधना), और 'कोरा कागज था ये मन मेरा' (आराधना) सहित कई सुपरहिट गीतों से वह सिनेमा में मशहूर हो गये। वह हारमोनिका और कई अन्य वाद्ययंत्र बजाना भी जानते थे। उन्होंने फिल्म 'सोलवा साल' के गाने 'है अपना दिल तो आवारा' के लिए माउथ ऑर्गन बजाया था।

अपने कॅरियर के शुरुआती दौर में, उन्होंने भूत बंगला (1965) और प्यार का मौसम (1969) जैसी फिल्मों में भी अभिनय में अपनी किस्मत आजमाई। आरडी बर्मन को उनके उपनाम, पंचम से भी जाना जाता था, और उनके अधिकांश उद्योग मित्रों द्वारा इसी नाम से लोकप्रिय रूप से संबोधित किया जाता था।

प्रमुख खबरें

Left-Arm Spin के खिलाफ Shubman Gill का खराब रिकॉर्ड, Colombo में कड़े Net Practice से की बड़ी तैयारी

AMU की 500 करोड़ की जमीन Aligarh नगर निगम ने कब्जे में ली, विवाद गहराया

Vishwakhabram: 60 घंटे तक लगातार Pakistan को हथियारों से लैस करते रहे China-Turkey के Military Aircraft, भारत की तैयारी भी तेज

Jaipur में CJP टीम पर हमला! अभिजीत दिपके बोले - BJP का डर है, स्कूल सुधार से डरते हैं