By Ankit Jaiswal | Oct 16, 2026
स्पेनिश फुटबॉल में रियल मैड्रिड और ला लीगा के अध्यक्ष जेवियर तेबास के बीच विवाद गहरा गया है। रियल मैड्रिड ने शुक्रवार को तेबास के बयानों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए उनसे इस्तीफा देने की मांग की। क्लब का आरोप है कि तेबास ने उसकी कार्यशैली की तुलना नाजी जर्मनी के प्रोपेगेंडा से करके बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इस विवाद ने स्पेनिश फुटबॉल में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है।
तेबास ने क्लब के इस तरीके की तुलना द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के प्रचार मंत्री जोसेफ गोएबल्स की कार्यशैली से की। इसी टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ गया। रियल मैड्रिड ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि स्पेनिश फुटबॉल में दो अहम पदों पर जिम्मेदारी निभाने वाले व्यक्ति की ओर से इस तरह की तुलना करना पूरी तरह अस्वीकार्य और बेहद गंभीर मामला है। क्लब के मुताबिक, इस टिप्पणी का मकसद उसके प्रबंधन और टेलीविजन चैनल की छवि खराब करना है।
क्लब ने यह भी कहा कि तेबास का यह स्पष्टीकरण कि वह नाजी विचारधारा की बात नहीं कर रहे थे, उनके बयान की गंभीरता को कम नहीं करता। रियल मैड्रिड ने टिप्पणी को अपमानजनक, नैतिक रूप से गलत और जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अनुचित बताया। इसी आधार पर क्लब ने तेबास से इस्तीफा देने की मांग की है।
इस विवाद में बार्सिलोना से जुड़ा नेग्रेरा मामला भी एक अहम मुद्दा बना हुआ है। रियल मैड्रिड ने एक बार फिर आरोप लगाया कि स्पेनिश फुटबॉल महासंघ की रेफरी समिति से जुड़े एक अधिकारी को बार्सिलोना की ओर से कई वर्षों तक कथित भुगतान किए जाने के मामले में तेबास ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं। इस मामले की न्यायिक जांच जारी है। हालांकि, आरोपों और जांच के बीच अंतिम कानूनी निष्कर्ष को लेकर फैसला होना बाकी है।
गौरतलब है कि नेग्रेरा मामले ने स्पेनिश फुटबॉल में रेफरी की निष्पक्षता और क्लबों के बीच भरोसे को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। बार्सिलोना ने पहले भी इस मामले में अपने पक्ष रखे हैं, जबकि रियल मैड्रिड जांच की प्रक्रिया पर लगातार नजर रख रहा है। ऐसे माहौल में तेबास की ताजा टिप्पणी ने दोनों पक्षों के बीच मतभेद को और सार्वजनिक कर दिया है।
जेवियर तेबास ला लीगा के अध्यक्ष होने के साथ रॉयल स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन के उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में रियल मैड्रिड का कहना है कि उनके पद और जिम्मेदारियों को देखते हुए सार्वजनिक बयानों में अधिक सावधानी बरती जानी चाहिए। फिलहाल, इस विवाद पर तेबास की ओर से इस्तीफे की मांग को लेकर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर नजर बनी हुई है। स्पेनिश फुटबॉल में रेफरी, प्रशासन और क्लबों के बीच बढ़ते तनाव के बीच यह मामला आने वाले दिनों में भी चर्चा में रहने की संभावना है।