By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 05, 2026
उत्तर कोरिया ने सोमवार को कहा कि उसने रविवार को जिन मिसाइल का प्रक्षेपण किया था, वे हाइपरसोनिक मिसाइल थीं। उत्तर कोरिया ने बताया कि उसके नेता किम जोंग ने हाइपरसोनिक मिसाइलों की परीक्षण-उड़ान देखी और देश की परमाणु युद्ध प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर कोरिया कांग्रेस से पहले रक्षा क्षेत्र में अपनी उपलब्धियां दिखाने के लिए हथियार परीक्षणों में तेजी ला सकता है। ये प्रक्षेपण दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ शिखर वार्ता के लिए चीन रवाना होने से कुछ घंटे पहले हुए।
सरकारी ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ (केसीएनए) ने कहा कि हाइपरसोनिक हथियार प्रणाली से जुड़े रविवार के अभ्यास का उद्देश्य इसकी तत्परता की जांच करना, मिसाइल सैन्य बलों के मारक क्षमता परिचालन कौशल को बढ़ाना और देश की युद्ध निवारक क्षमता का आकलन करना था।
केसीएनए के अनुसार किम ने कहा, ‘‘आज के प्रक्षेपण अभ्यास के जरिए हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि राष्ट्र की रक्षा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी से जुड़ा कार्य पूरा किया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमें सैन्य संसाधनों, खासकर आक्रामक हथियार प्रणालियों का लगातार उन्नयन करना चाहिए।’’ हाइपरसोनिक हथियार से उत्तर कोरिया को अमेरिका और दक्षिण कोरिया की मिसाइल रक्षा ढालों को भेदने की क्षमता मिल जाएगी।
उत्तर कोरिया ने पिछले कई वर्षों में इसे हासिल करने के लिए कई परीक्षण किए हैं लेकिन कई विदेशी विशेषज्ञ सवाल उठाते हैं कि क्या इन परीक्षण के दौरान मिसाइलों ने वांछित लक्ष्य हासिल किया।
रविवार को उत्तर कोरिया के परीक्षण ऐसे समय में हुए हैं जब एक दिन पहले ही अमेरिकी सैन्य अभियान में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़कर अमेरिका लाया गया था जहां उन पर नशीले पदार्थों से संबंधित आतंकवाद की साजिश के आरोप लगाए गए हैं। उत्तर कोरिया ने इस अभियान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह एक बार फिर ‘‘अमेरिका के कुटिल और क्रूर स्वभाव’’ को दर्शाता है।