By अंकित सिंह | Jan 10, 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को घोषणा की कि राज्य ने 15 लाख से अधिक सरकारी नौकरियों का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए वादे की पुष्टि होती है। मुख्यमंत्री ने एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि मैं जल्द ही सरुसजाई पहुंच रहा हूं, जहां मैं एडीआरई ग्रेड III के 6,000 से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपूंगा। हमने आज तक 15 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी हैं। आगे और भी नौकरियां दी जाएंगी।
यह घोषणा सरमा द्वारा असम प्रत्यक्ष भर्ती परीक्षा के माध्यम से ग्रेड IV पदों के लिए चयनित 4,369 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के एक दिन बाद की गई। इसके साथ ही, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में की गई सरकारी नियुक्तियों की कुल संख्या 1,50,033 हो गई है, जो एक लाख नौकरियों के पूर्व लक्ष्य को पार कर गई है। ज्योति-बिष्णु अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्यक्ष भर्ती परीक्षा (ADRE) की भर्ती प्रक्रिया अत्यंत जटिल थी और पारदर्शिता सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती थी।
उन्होंने कहा कि पहले, अलग-अलग विभागीय परीक्षाओं के कारण अक्सर परीक्षाएं एक ही समय पर होती थीं, भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे और अदालती मामले चलते थे, जिसके परिणामस्वरूप विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की कमी हो जाती थी। सरमा ने कहा कि सरकार ने नए कानून बनाकर और ग्रेड III और ग्रेड IV पदों के लिए अलग-अलग आयोग गठित करके एक एकीकृत भर्ती प्रणाली लागू की है। उन्होंने बताया कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित रखते हुए 28 जिलों में एक ही दिन में परीक्षाएं आयोजित की गईं, जिनमें 9.12 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता इस बात से झलकती है कि कोई भी अदालती मामला दर्ज नहीं हुआ है।
नवनियुक्त उम्मीदवारों से समर्पण भाव से सेवा करने का आह्वान करते हुए शर्मा ने उनसे सरकारी कार्यालयों में आने वाले नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कर्मचारियों के बीच आपसी तबादलों को सुगम बनाने के लिए 'स्वागत सतीर्थ' पोर्टल 1 फरवरी को फिर से खोला जाएगा। योग्यता आधारित शासन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारदर्शी भर्ती ने असम के युवाओं में विश्वास बहाल किया है, जबकि सरकार राज्य में रोजगार सृजन के लिए उद्यमिता को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है।