Real Estate मांग से Godrej Properties का सेल्स टारगेट बढ़ा पर Q2 में शुद्ध मुनाफा 62 फीसदी घटा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 25, 2026

रियल एस्टेट क्षेत्र में घरों की मजबूत मांग का फायदा गोदरेज प्रॉपर्टीज को मिलता दिख रहा है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-27 में उसकी बिक्री बुकिंग बढ़कर रिकॉर्ड 41,500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यह पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 22% ज्यादा होगी। कंपनी के चेयरपर्सन पीरोजशा गोदरेज के मुताबिक, नए और पहले से चल रहे आवासीय प्रोजेक्ट में ग्राहकों की दिलचस्पी बनी हुई है।

कंपनी ने चालू वित्त वर्ष में बिक्री बुकिंग के लिए 39,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा था। लेकिन मौजूदा रुझान को देखते हुए इसके पार जाने की उम्मीद है। पीरोजशा ने बताया कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनी 22,500 करोड़ से 25,000 करोड़ रुपये तक की बिक्री बुकिंग हासिल कर सकती है। निचले स्तर पर भी यह तय लक्ष्य से आगे होगी, जबकि ऊपरी स्तर पर सालाना आधार पर करीब 20% की बढ़त दर्ज हो सकती है।

बता दें कि पिछले वित्त वर्ष में गोदरेज प्रॉपर्टीज ने 34,171 करोड़ रुपये की संपत्तियों की बिक्री बुकिंग की थी। चालू वित्त वर्ष के पहले 6 महीनों में यह आंकड़ा 16,659 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के 15,587 करोड़ रुपये से 7% अधिक है। कंपनी के अनुसार, किसी भी आवासीय परियोजना में ग्राहकों की मांग को लेकर निराशाजनक स्थिति नहीं है।

सितंबर तिमाही में कंपनी की पहले से चल रही परियोजनाओं से बिक्री बुकिंग में भी तेजी आई। इस दौरान ऐसी परियोजनाओं की बुकिंग सालाना आधार पर 83% बढ़कर 5,054 करोड़ रुपये हो गई। पीरोजशा को उम्मीद है कि अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही कंपनी के लिए अब तक की सबसे अच्छी तिमाही साबित हो सकती है। इसकी वजह मुंबई के बांद्रा और गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन जैसे इलाकों में नई परियोजनाएं शुरू करने की योजना है। इसके अलावा ठाणे, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी कई परियोजनाएं शुरू होने की उम्मीद है।

कंपनी मौजूदा परियोजनाओं के निर्माण और भविष्य की योजनाओं के लिए जमीन खरीदने पर अपना निवेश जारी रखेगी। इसके लिए वह कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल करेगी। साथ ही कंपनी का लक्ष्य नकदी बचाए रखने और शेयरधारकों की पूंजी पर 20% का रिटर्न हासिल करने का है। गोदरेज प्रॉपर्टीज मुंबई महानगर क्षेत्र, दिल्ली-एनसीआर, पुणे, बेंगलुरु और हैदराबाद में आवासीय परियोजनाएं विकसित करती है। कंपनी कई राज्यों में आवासीय भूखंड भी उपलब्ध कराती है।

हालांकि, बिक्री की अच्छी संभावनाओं के बीच कंपनी के मुनाफे में गिरावट भी दर्ज की गई है। सितंबर तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 62% घटकर 154.15 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 405.08 करोड़ रुपये था। इस दौरान कुल आय बढ़कर 2,571.73 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले 1,950.05 करोड़ रुपये थी। वहीं, खर्च 1,300.98 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,476.74 करोड़ रुपये पहुंच गया।

चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा भी 50% घटकर 504 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 1,005 करोड़ रुपये था। कुल आय 3,570.39 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,916.77 करोड़ रुपये हो गई। गौरतलब है कि कंपनी 2018 से अब तक 80 मिलियन वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में परियोजनाएं पूरी कर चुकी है और अब उसकी आगे की बिक्री का प्रदर्शन नई परियोजनाओं की शुरुआत तथा निर्माण लागत पर भी निर्भर करेगा।

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