By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 22, 2020
नयी दिल्ली। विमानन कंपनियों के वैश्विक संगठन इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए)ने बृहस्पतिवार को कहा कि विमान यात्रा किराये का नियमन करना सरकार का उल्टी दिशा में उठाया गया कदम है। संगठन ने कहा कि विमानन कंपनियों को हवाई यात्रा किराया तय करने की आजादी मिलनी चाहिये। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घोषणा की है कि 25 मई को घरेलू उड़ान सेवाओं के फिर से शुरू होने के बाद 24 अगस्त तक तीन महीने के लिये हवाई यात्रा किराया निश्चित दायरे में ही रहेगा। संगठन ने मंत्रालय की इसी घोषणा के आलोक में टिप्पणी की।
कोरोना वायरस महामारी के कारण वाणिज्यिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें 25 मार्च से निलंबित हैं। संगठन के सहायक निदेशक (कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस - एशिया पैसिफिक) अल्बर्ट तोजेंग ने कहा, एयरलाइंस को अपने वाणिज्यिक निर्णय लेने की स्वतंत्रता की आवश्यकता है, जिसमें किराये की दर भी शामिल है। इसलिये हम आशा करते हैं कि यह कोविड-19 के परिणामस्वरूप एक बार के लिये किया गया उपाय है और 24 अगस्त के बाद इसे बंद कर दिया जायेगा।