रिलायंस इंडस्ट्रीज बना रही 700 टन से ज्यादा ऑक्सीजन, कोरोना प्रभावित राज्यों को फ्री में कर रही सप्लाई

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 20, 2021

नयी दिल्ली। देश में कोविड संक्रमण के तेजी से बढ़ रहे मामलों के बीच जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अपनी जामनगर रिफाइनरी में प्रतिदिन 700 टन से अधिक चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन कर रही है।यह ऑक्सीजन कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित राज्यों को मुफ्त में दी जा रही है।सूत्रों ने यह जानकारी दी। कंपनी की जामनगर रिफाइनरी ने शुरुआत में 100 टन चिकित्सा स्तर का ऑक्सीजन का उत्पादन किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 700 टन कर दिया गया। सूत्रों के अनुसार कोरोना संक्रमण से जूझ रहे गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों को की जा रही आक्सीजन की आपूर्ति से प्रतिदिन गंभीर रूप से बीमार 70,000 से अधिक रोगियों को राहत मिलेगी। उसने कहा कि जल्दी ही कंपनी चिकित्सा ग्रेड की ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 1,000 टन करने की योजना बना रही है। इस बारे में कंपनी को ई-मेल भेजकर जानकारी मांगी गयी, लेकिन उसकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। जामनगर रिफाइनरी में चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन नहीं होता।

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इस रिफाइनरी में कच्चे तेल को डीजल, पेट्रोल और विमान ईंधन में बदला जाता है। लेकिन कोरोनो वायरस के मामलों में जिस तेजी से वृद्धि हुई है और ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है, उसको देखते हुए रिलायंस ने ऐसी मशीनरी लगाई है जिससे चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन संभव हो पाया है। सूत्रों ने कहा कि चिकित्सा के लिये उपयोग होने वाले ऑक्सीजन बनाने के लिए औद्योगिक ऑक्सीजन के निर्माण की सुविधाएं इस्तेमाल की जा रही हैं। मामले से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, ‘‘हर दिन लगभग 700 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति देश के विभिन्न राज्यों को की जा रही है।

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इससे प्रतिदिन 70,000 से अधिक गंभीर रूप से बीमार रोगियों को राहत मिलेगी।’’ ऑक्सीजन की ढुलाई विशेष टैंकरों में शून्य से नीचे (-) 183 डिग्री सेल्सियस पर की जा रही है और परिवहन लागत सहित ऑक्सीजन को राज्य सरकारों को बिना किसी लागत के दिया जा रहा है। यह कंपनी की सीएसआर (कंपनी सामाजिक जिम्मेदारी) पहल का एक हिस्सा है। सार्वजनिक क्षेत्र की आईओसी और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लि. (बीपीसीएल) भी अपनी रिफाइनरियों में चिकित्सा में उपयोग होने वाले ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर उसका वितरण प्रभावित राज्यों को कर रही है। इसके अलावा सेल, टाटा स्टील जैसी इस्पात कंपनियों ने भी अपने संयंत्रों में चिकित्सा स्तर के ऑक्सीजन का उत्पादन शुरू कर उसकी आपूर्ति राज्यों को शुरू की है।

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