By रेनू तिवारी | Jun 04, 2026
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में लंबे समय से जारी तनाव के बीच एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। इजराइल और लेबनान अपने युद्धविराम (Ceasefire) को आगे बढ़ाने के लिए सहमत हो गए हैं। इस समझौते के तहत लेबनान के भीतर प्रायोगिक तौर पर कुछ विशेष 'सुरक्षा क्षेत्र' (Security Zones) बनाए जाएंगे, जहाँ हिजबुल्ला के लड़ाकों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
इसमें कहा गया, ‘‘सभी देशों ने इस बात पर जोर दिया कि इजराइल और लेबनान के बीच संबंधों का भविष्य दोनों की संप्रभु सरकारें ही तय करेंगी और किसी भी देश या गैर-राज्यीय समूह को लेबनान का भविष्य बंधक बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’ दरअसल, यह ईरान की ओर संकेत था जो हिजबुल्ला का समर्थन करता है और इस बात पर जोर देता रहा है कि ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ होने वाले किसी संभावित समझौते के तहत लेबनान पर इजराइली हमले रोके जाएं। इजराइल-लेबनान वार्ता में हिजबुल्ला शामिल नहीं है।
इस समझौते को मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि लेबनान की सेना इन सुरक्षा क्षेत्रों को हिजबुल्ला से मुक्त रखने में सफल रहती है, तो यह आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच एक मजबूत और सुरक्षित सीमा रेखा का आधार बन सकता है।
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