चेतन चौहान को याद कर बोले गावस्कर, अरे बाबा तुम शतक बनाने थे, मैं नहीं

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 17, 2020

नयी दिल्ली। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने सबसे लंबे समय तक अपने सलामी जोड़ीदार रहे चेतन चौहान को श्रद्धांजलि दी जिनका कोविड-19 से जुड़ी समस्याओं के कारण निधन हो गया। (सुनील गावस्कर द्वारा) ‘‘आजा, आजा, गले मिल, आखिर हम अपने जीवन के अनिवार्य ओवर खेल रहे हैं’’ पिछले दो या तीन साल में हम जब भी मिलते थे तो मेरा सलामी जोड़ीदार चेतन चौहान इसी तरह अभिवादन करता था। ये मुलाकातें उसके पसंदीदा फिरोजशाह कोटला मैदान पर होती थी जहां वह पिच तैयार कराने का प्रभारी था। जब हम गले मिलते थे तो मैं उसे कहता था ‘‘नहीं, नहीं हमें एक और शतकीय साझेदारी करनी है।’’ और वह हंसता था और फिर कहता था ‘अरे बाबा, तुम शतक बनाते थे, मैं नहीं।’ मैंने कभी अपने बुरे सपने में भी नहीं सोचा था कि जीवन में अनिवार्य ओवरों को लेकर उसके शब्द इतनी जल्दी सच हो जाएंगे। यह विश्वास ही नहीं हो रहा कि जब अगली बार मैं दिल्ली जाऊंगा तो उसकी हंसी और मजाकिया छींटाकशी नहीं होगी। शतकों की बात करें तो मेरा मानना है कि दो मौकों पर उसके शतक से चूकने का जिम्मेदार मैं भी रहा। दोनों बार आस्ट्रेलिया में 1980-81 की श्रृंखला के दौरान। एडीलेड में दूसरे टेस्ट में जब वह 97 रन बनाकर खेल रहा था तो टीम के मेरे साथी मुझे टीवी के सामने की कुर्सी से उठाकर खिलाड़ियों की बालकोनी में ले गए और कहने लगे कि मुझे अपने जोड़ीदार की हौसलाअफजाई के लिए मौजूद रहना चाहिए। मैं बालकोनी से खिलाड़ियों को खेलते हुए देखने को लेकर थोड़ा अंधविश्वासी था क्योंकि तब बल्लेबाज आउट हो जाता था और इसलिए मैं हमेशा मैच ड्रेसिंग रूम में टीवी पर देखता था। शतक पूरा होने के बाद मैं खिलाड़ियों की बालकोनी में जाता था और हौसलाअफजाई करने वालों में शामिल हो जाता था।

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