रिपोर्ट में कहा गया है कि मसौदा बिल शायद ही परेशान दूरसंचार कंपनियों की मदद कर सकता है

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 27, 2022

रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स ने सोमवार को कहा कि भारतीय दूरसंचार प्रारूप विधेयक से दिवाला प्रक्रिया का सामना कर रही दूरसंचार कंपनियों के लिए समाधान प्रक्रिया तेज करने में शायद ही मदद मिले। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि इस मसौदा विधेयक में दूरसंचार स्पेक्ट्रम का स्वामित्व सरकार के पास होने का प्रावधान रखा गया है जिससे यह संदेश निकलता है कि ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता (आईबीसी) के तहत कर्जदाता इस स्पेक्ट्रम के मूल्य की बिक्री नहीं कर सकते हैं।

इसके साथ ही इंडिया रेटिंग्स की रिपोर्ट कहती है कि राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने भी जुलाई 2021 के अपने फैसले में किसी दूरसंचार कंपनी को दिवाला प्रक्रिया के लिए भेजे जाने के पहले सरकारी बकाये का भुगतान करना होगा। रेटिंग एजेंसी ने कहा, समाधान प्रक्रिया पर इस विधेयक के प्रभाव को देखे जाने की जरूरत है, खासकर यह देखते हुए कि रुग्ण दूरसंचार कंपनियों के पास सरकारी बकाया चुका पाने के लिए जरूरी वित्तीय लचीलापन न हो। एजेंसी के मुताबिक, यह मसौदा विधेयक पिछले दो वर्षों से दूरसंचार क्षेत्र को अपनी चपेट में ले चुके कई प्रमुख बिंदुओं पर भी स्पष्टता लाने की बात करता है।

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