By अभिनय आकाश | Jan 24, 2025
ट्रप के आने के बाद से लगातार ऐसी परिस्थितियों बन रही है की कई देश तनाव में हैं। दबाव में हैं। कई देशों को ट्रंप खुली धमकी की भी दे रहे हैं, तो कई देश ट्रम्प को आंखें भी दिखाने की तैयारी कर रहे हैं। लेकिन इन सब के बीच अब एक नया तनाव देखने को मिल रहा है। अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनाम ट्रंप हो गया है। ट्रंप ने एक रैली के दौरान कहा कि अगर तालिबान चाहता है कि हम उन्हें मदद करें उनके यहां की समस्याओं को देखा जाए और उन्हें पैसा देना हो तो उसके बदले में हमारा काम करना होगा। दरअसल, बाइडेन प्रशासन के दौरान अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान छोड़कर वापस अपने घर जा रहे थे तो उन्होंने लाखों करोड़ों मूल्य के वाहन और हथियार वहीं छोड़ दिए थे, जिसे तुरंत तालिबान की अंतरिम सरकार ने दुरुस्त कर लिया और कुछ ऐसे नजारे दुनिया को दिखाए जिसे देखकर दुनिया हैरान रह गई। अब इन हथियारों की ट्रम्प वापसी चाहते हैं। लेकिन अब इस पूरे मामले पर तालिबान क्या कह रहा है यह भी बहुत दिलचस्प है।
लेकिन तालिबान से जुड़े सूत्र कहते हैं कि जब यूएस मिलट्री, नाटो साल 2021 में तालिबान खाली कर रहे थे तो उन्होंने तकरीबन सात मिलियन डॉलर के हथियार अफ़ग़ानिस्तान में छोड़ दिये थे और अब ये उनकी वापसी चाहते हैं। लेकिन ये संभव नहीं हो सकता बल्कि अफगानिस्तान तो ये चाहता है कि उसे आईएसआईएस के खिलाफ इस्लामिक खुरासान के खिलाफ जंग में और भी ज्यादा हथियारों की जरूरत है। ऐसे में उसे और भी ज्यादा हथियार चाहिए। घर तालाब के ट्रंप की तरफ से इस तरह का दवा या धमकी ऐसे वक्त में दी जा रही है जबकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार अफगानिस्तान के फ्रिज किए गए 9 बिलीयन डॉलर उसे पर से छूट चाहता है, वह पैसा वापस जाता है।