By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 21, 2026
शिवसेना (उबाठा) ने अपने छह सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा मंजूरी दिए जाने को चुनौती देते हुए मंगलवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया। शिवसेना (उबाठा) की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया। कामत ने पीठ से आग्रह किया कि याचिका को बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इन छह सांसदों को मिला कर लोकसभा में शिवसेना की सदस्य संख्या बढ़कर 13 हो गई है। शिवसेना (उबाठा) के टिकट पर कुल नौ सांसद निर्वाचित हुए थे, जिनमें से छह शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो चुके हैं। शिवसेना (उबाठा) ने लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष दलील दी थी कि बागी सांसदों को दल-बदल निरोधक कानून के तहत अयोग्य ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि उनका दल परिवर्तन इसी कानून के दायरे में आता है।