By अभिनय आकाश | Feb 06, 2025
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कदम रखते ही टैरिफ वॉर छेड़ दी है। अमेरिका ने पहले तो कनाडा, मैक्सिको और चीन पर जबरदस्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। लेकिन किसी तरह कनाडा और मैक्सिको ने इसके लिए ट्रंप को मना लिया। फिलहाल 30 दिनों के लिए दोनों देशों को मोहलत दे दी है। लेकिन चीन का नंबर अभी तक नहीं लगा। चीन पर लगा 10 प्रतिशत टैरिफ एक फरवरी से शुरू हो चुका है। इसका असर 48 घंटे के अंदर ही दिखने लगा है। फैक्ट्रियां बद हो रही हैं, कई जगहों पर जनता शी जिनपिंग के खिलाफ उतर आई है। चीन ने खुद को वैसे तो दुनिया की बड़ी आर्थिक शक्ति के रूप में पेश किया था। लेकिन ड्रैगन के सारे दावे अंदर से खोखले साबित हो रहे हैं। दरअसल, ट्रंप के टैरिफ लगते ही चीन में एक्सपोर्ट बेस्ड इकोनॉमी को सबसे बड़ा झटका लगा है। कई बड़ी कंपनियां चीन छोड़कर वियतनाम, कंबोडिया और भारत का रुख कर रही हैं।
मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर की हालात भी खराब होती जा रही है। डोमेस्टिक कंजम्सन कम होने के कारण आम लोगों की बचत खत्म हो रही है। चीन 120 से अधिक देशों के लिए प्रमुख व्यापार भागीदार है और अमेरिका उनमें से एक है। पिछले दो दशकों में चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था में व्यापार के महत्व को लगातार कम किया है और घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी की है। आज आयात और निर्यात का चीन के सकल घरेलू उत्पाद में केवल 37% हिस्सा है, जबकि 2000 के दशक की शुरुआत में यह 60% से अधिक था। 10% टैरिफ बहुत चुभेगा। इतिहास गवाह है कि जब भी इकोनॉमी खराब होती है जनता का गुस्सा सड़कों पर दिखता है। अब यही सब चीन में हो रहा है। कई शहरों में फैक्ट्री वर्कर्स सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।