धर्म का अधिकार जीवन के अधिकार से ऊपर नहीं, जानिए ऐसा क्यों कहा कोर्ट ने

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 07, 2021

चेन्नई। मद्रास उच्च न्यायालय ने यह उल्लेख करते हुए कि धर्म का अधिकार जीवन के अधिकार से बड़ा नहीं है, राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह तमिलनाडु स्थित एक मंदिर में कोविड-19 प्रोटोकॉल से समझौता किए बिना धार्मिक रस्मों के आयोजन की संभावना तलाश करे। मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी ने बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से टिप्पणी की, ‘‘धार्मिक रीति-रिवाज जनहित तथा जीवन के अधिकार का विषय होने चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘धर्म का अधिकार जीवन के अधिकार से बड़ा नहीं है...यदि सरकार को महामारी की स्थिति में कदम उठाने हैं...तो हम हस्तक्षेप नहीं चाहेंगे।’’

प्रमुख खबरें

Tamil Nadu Bypolls: TVK ने मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें जीतीं

T20I में 50 छक्के जड़कर Ishan Kishan बने तीसरे खिलाड़ी, Suryakumar Yadav की सूची में एंट्री

Delhi में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, Metro स्टेशन बंद होने पर Supreme Court ने जताई चिंता

Sanju Samson के 82 रन से भारत ने West Indies के खिलाफ बनाया 249 रन का रिकॉर्ड स्कोर