Dressing Room में Riyan Parag ने लगाई ई-सिगरेट की कश, Video Viral होते ही मचा बवाल

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 29, 2026

राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ मुल्लांपुर में खेले गए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में ‘वेपिंग’ (ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना) करते हुए टीवी कैमरों में कैद होने के बाद विवादों में घिर गए हैं। भारत सरकार ने 2019 में ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसमें इसका उत्पादन, बिक्री और वितरण शामिल था। इस संबंध में कानून के अनुसार पहली बार अपराध करने पर दोषी को एक साल तक की कैद हो सकती है या/और उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया सकता है।

राजस्थान रॉयल्स टीम का कोई भी अधिकारी इस मामले पर टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं था। आईपीएल के मौजूदा सत्र में यह पहला अवसर नहीं है जबकि राजस्थान किसी विवाद में पड़ा। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर डगआउट में फोन का इस्तेमाल करने कारण नियमों का उल्लंघन करने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। आईपीएल के एक अन्य सूत्र ने पीटीआई को बताया कि मौजूदा टूर्नामेंट से पहले मुंबई में कप्तानों की बैठक में ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों की निजता का मुद्दा उठाया गया था। कुछ कप्तानों ने सीधा प्रसारण के दौरान ड्रेसिंग रूम की ओर कैमरे घुमाए जाने पर आपत्ति जताई थी।

सूत्र ने कहा, ‘‘यह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट के इस्तेमाल से सीधे तौर पर संबंधित नहीं था। यह मोटे तौर पर खिलाड़ियों की निजता से जुड़ा था। कई बार खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में पूरे कपड़े नहीं पहने होते हैं या वे कैमरों से बचना चाहते हैं।’’ सूत्र के अनुसार खिलाड़ियों को बताया गया कि ड्रेसिंग रूम से फुटेज दिखाने वाले कैमरों के बारे में फैसला लेना बीसीसीआई का नहीं बल्कि प्रसारक का काम है। इस घटना के बाद इसकी समीक्षा की जा सकती है। सूत्र ने कहा, ‘‘यह पराग की तरफ से लापरवाही थी और इस तरह की घटना का बचाव करना मुश्किल है। एक शीर्ष खिलाड़ी का इस तरह धूम्रपान करते हुए पकड़े जाना लोगों के लिए अच्छा उदाहरण नहीं है।’’ ई-सिगरेट निषेध अधिनियम (पीईसीए) 2019 के अनुसार, ‘‘कोई भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट का उत्पादन या निर्माण या आयात या निर्यात या परिवहन या बिक्री या वितरण नहीं करेगा और ई-सिगरेट का विज्ञापन नहीं करेगा या किसी ऐसे विज्ञापन में भाग नहीं लेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ई-सिगरेट के उपयोग को बढ़ावा देता हो।’’

जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, ‘‘ई-सिगरेट का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, हालांकि यह सिगरेट पीने जितना हानिकारक नहीं हो सकता है।’’ उसके अनुसार, ‘‘निकोटिन नियमित सिगरेट और ई-सिगरेट का मुख्य घटक है और इससे लत लग जाती है। इससे धूम्रपान की तीव्र इच्छा पैदा होती।’’ जॉन हॉपकिंस मेडिसिन की वेबसाइट पर एक विशेषज्ञ के लेख में कहा गया है, ‘‘निकोटिन एक जहरीला पदार्थ है। यह रक्तचाप और एड्रेनालाईन का स्तर बढ़ाता है, जिससे हृदय गति बढ़ जाती है और दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। 

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