RJD के नए समीकरण ने BJP को दी टेंशन, नारा दिया- बाभन के चूड़ा, यादव के दही...

By अंकित सिंह | May 02, 2022

बोचहां में हुए उपचुनाव के नतीजों के बाद से बिहार में कई राजनीतिक समीकरण बनते-बिगड़ते दिखाई दे रहे हैं। बोचहां में भाजपा की हार हुई तो सबसे बड़ा कारण यह बताया गया कि बिहार में भूमिहार भाजपा से नाराज चल रहे हैं। यही कारण रहा कि वह राजद के साथ हुए और बोचहां में लालू यादव की पार्टी जीत हासिल करने में कामयाब हुई। हालांकि, राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार में कभी भाजपा के कोर वोटर रहे भूमिहार समाज के लोग अब कहीं न कहीं आरजेडी की तरफ शिफ्ट होते दिखाई दे रहे हैं। नाराज भूमिहार लगातार आरजेडी के पक्ष में ज्यादा दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि अब बिहार में एक नए फार्मूले की तैयारी शुरू की जा चुकी है। नारा दिया जा रहा है- बाभन (ब्राह्मण) के चूड़ा, यादव के दही, दुनू मिली तब बिहार में सब होई सही। 

इसे भी पढ़ें: पति के होते हुए 8 साल से था महिला का अवैध संबंध, आशिक ने छोटे से विवाद पर की ईंट-पत्थर से कुचलकर हत्या

आरजेडी की नजर ब्राह्मण और भूमिहारों पर है और यही कारण है कि खुद तेजस्वी यादव यह कहते सुने गए थे कि सब कुछ साथ लेने से ही काम बनेगा। ब्राह्मण और भूमिहार बिहार में आरजेडी के धुर विरोधी माने जाते रहे हैं। लेकिन इस बार के परशुराम जयंती में उनकी ओर से इसकी खूब तैयारी की जा रही है। जिसके मतलब साफ है कि आरजेडी अब ब्राह्मणों को खुश करने की कोशिश कर रही है। इसी कारण यह नारा भी दिया गया है - बाभन (ब्राह्मण) के चूड़ा, यादव के दही, दुनू मिली तब बिहार में सब होई सही। बिहार में भूमिहार ब्राह्मणों को मिलाकर 6 से 8% के बीच में है। हालांकि सामाजिक और शिक्षा का स्तर पर यह काफी प्रभावशाली माने जाते हैं और इन्हें बिहार की राजनीति में ओपिनियन मेकर्स भी कहा जाता है। 

प्रमुख खबरें

IRFC में सरकार के Offer For Sale से मचा हड़कंप, Infosys की AI डील ने निवेशकों को बनाया मालामाल।

White House में India के Tariff पर मचा था बवाल, Donald Trump ने अधिकारियों को सरेआम किया खारिज

America से तनाव के बीच Kim Jong Un का बड़ा दांव, North Korea अब समुद्र में बढ़ाएगा परमाणु ताकत

France में Heatwave का जानलेवा कहर, 40 लोगों की मौत, Eiffel Tower भी समय से पहले बंद