By अभिनय आकाश | Oct 28, 2026
दिल्ली की एक अदालत ने अपने पति की हत्या की साजिश रचने की आरोपी एक महिला को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने यह देखते हुए यह फैसला लिया कि महिला चार साल से अधिक समय से हिरासत में है, जांच पूरी हो चुकी है, और मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों से पूछताछ भी हो चुकी है। रोहिणी कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुनीश गर्ग ने बेगमपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या की साजिश के मामले में महिला की तीसरी जमानत याचिका को मंजूर कर लिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 21 फरवरी 2022 का है, जब पुलिस को सूचना मिली कि रोहिणी के सेक्टर 24 के पास एक व्यक्ति घायल अवस्था में मिला है। पीड़ित को डॉ. बीएसए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि यह हत्या एक पहले से रची गई साजिश का नतीजा थी, जिसमें महिला और अन्य आरोपी शामिल थे। यह भी आरोप लगाया गया है कि मृतक की पत्नी, जो एक अन्य आरोपी के संपर्क में थी, ने घटना से कुछ समय पहले ही उसे अपने पति की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी थी। महिला के खिलाफ अभियोजन पक्ष का मामला सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, वित्तीय लेन-देन और गवाहों के बयानों पर आधारित है। महिला की ओर से पेश वकील रवि ड्राल ने जमानत की मांग करते हुए दलील दी कि वह अपराध स्थल पर मौजूद नहीं थी और उसके पास से कोई हथियार या अपराध से जुड़ी कोई अन्य वस्तु बरामद नहीं हुई है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि साजिश के आरोपों को मुख्य रूप से परिस्थितियों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर साबित करने की कोशिश की गई है।
अदालत ने उसे एक निजी मुचलका और उतनी ही राशि की एक ज़मानत देने पर रिहा करने का निर्देश दिया, जो आदेश में बताई गई शर्तों के अधीन होगा। महिला के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर चल रहे मुकदमे में फैसला होना अभी बाकी है।