By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 27, 2026
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने रविवार को दावा किया कि महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में हटाए गए मतदाताओं की संख्या मौजूदा 2.07 करोड़ से बढ़कर करीब तीन करोड़ तक पहुंच सकती है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए पवार ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पहले निर्वाचन क्षेत्रों के स्तर पर इस्तेमाल की जाने वाली चुनावी शक्तियों को अब निर्वाचन आयोग के पास केंद्रीकृत कर दिया गया है, जिससे दिल्ली से मतदाताओं के नाम जोड़े या हटाए जा सकते हैं। पवार ने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) ने मतदाताओं के भौतिक सत्यापन के बजाय ‘‘टेबल सर्वे’’ किया और जानकारी भाजपा कार्यकर्ताओं की ओर से दी जा रही थी।
पवार ने दावा किया कि बड़ी संख्या में बाहर किए गए या सत्यापित नहीं हो सके मतदाताओं ने चिंता पैदा की है। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड की जांच के दायरे में आए 1.22 करोड़ मतदाताओं में से भी बड़ी संख्या में लोगों के नाम अंततः मतदाता सूची से बाहर किए जा सकते हैं। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद भी मतदाता रिकॉर्ड में गलतियां बनी हुई हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ मामलों में जीवित लोगों को मृत दिखाया गया है और कुछ मतदाता रिकॉर्ड में तस्वीर तथा लैंगिक विवरण मेल नहीं खाते। उन्होंने दावा किया कि जारी एसआईआर प्रक्रिया और परिसीमन संविधान तथा लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से मतदान के अधिकार और आरक्षण की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।