By अभिनय आकाश | Apr 05, 2025
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यलय में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ बैठे नजर आए। जी हां, प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कार्यालय में योगी आदित्यनाथ पहुंच गए। जिस वक्त संघ प्रमुख मोहन भागवत वाराणसी में थे। ठीक उसी वक्त सीएम योगी पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के कार्यालय में क्यों पहुंचे? क्या इसके पीछे कोई सियासी संकेत हैं? ऐसे तमाम सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, योगी आदित्यनाथ बीते दिनों काशी के दौरे पर थे। इस दौरान वो पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में बने जनसंपर्क कार्यालय में पहुंच गए। इस कार्यलय को मिनी पीएमओ या मिनी प्रधानमंत्री ऑफिस भी कहा जाता है। मिनी पीएमओ इसलिए क्योंकि यहां की गई शिकायतें सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली तक पहुंचती हैं। अचानक से सीएम योगी आदित्यनाथ मिनी पीएमओ पहुंचे तो उनके आने के वक्त उनके स्वागत में काशी के लोग मौजूद थे।
जनसंपर्क कार्यलय में सीएम योगी 15 मिनट तक रहे और करीब 10 लोगों की जनसुनवाई की और उनका प्रार्थना पत्र अपने साथ ले गए। सीएम के साथ राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे। ज्यादातर फरियाद स्वास्थ्य संबंधी थी. फरियादियों की समस्यायों के निराकरण के लिए सीएम योगी ने आवश्यक निर्देश भी दिए। लखनऊ और दिल्ली के बदलते सियासी समीकरण के बीच सीएम योगी जनसंपर्क कार्यालय में जाना अपने आप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं 3 अप्रैल को ही संघ प्रमुख मोहन भागवत वाराणसी के पांच दिवसीय प्रवास पर पहुंचे। इस दौरान वह अलग-अलग वर्ग के प्रचारकों से मुलाकात कर रहे हैं और वाराणसी मंडल के साथ विभिन्न जनपद में संघ के विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण बैठक भी कर रहे हैं। इसी बीच 4 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद अरुण सिंह भी वाराणसी पहुंचे। वैसे इन तीनों प्रमुख नेताओं के वाराणसी में मुलाकात करने की कोई भी तस्वीर सामने नहीं आई है। लेकिन चर्चाओं के दौर में इन प्रमुख नेताओं के वाराणसी आगमन को लेकर अनेक अटकलें लगाए जा रहे हैं।