By अंकित सिंह | Apr 16, 2026
केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया, जो संसद के चल रहे विशेष सत्र के दौरान एक महत्वपूर्ण विधायी कदम है। केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने प्रस्तावित संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 को प्रस्तुत करके बहस की शुरुआत की। उन्होंने परिसीमन विधेयक, 2026 भी पेश किया, जिससे विधायी निकायों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण लागू करने पर चर्चा का मार्ग प्रशस्त हुआ। कार्यवाही के दौरान, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया, जिससे आज के विधायी एजेंडे में एक और विधेयक जुड़ गया। इसको लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच वार-पलटवार का दौर भी देखने को मिला।
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लोकसभा में आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण विधेयक के बहाने ‘‘नारी को नारा बनाने’’ की कोशिश कर रही है। सपा प्रमुख ने महिला आरक्षण से संबंधित तीन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के लिए आरक्षण के समर्थन में है, लेकिन भाजपाई चालबाजी के खिलाफ है। सपा सांसद ने कहा कि हम महिलाओं के आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सवाल यह है कि भाजपा के अंदर जल्दबाजी क्यों है? सच तो यह है कि भाजपा जनगणना को टालनी चाहती है, वह जाति जनगणना को टालना चाहती है और ऐसा कर वह आरक्षण को टालना चाहती है।
भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने विपक्ष पर महिला आरक्षण कानून में संशोधन से संबंधित विधेयकों पर जनता को गुमराह करने के लिए दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया और दावा किया कि परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों को अधिक सीटें मिलेंगी। वहीं, लोकसभा में कांग्रेस के उप नेता गौरव गोगोई ने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक को महिलाओं, जाति जनगणना, संविधान और संघीय ढांचे के खिलाफ बताया और आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार परिसीमन को राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि देश में जनगणना की प्रक्रिया जारी है और जातियों के साथ ही यह जनगणना होगी। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के आधार पर मुसलमानों को आरक्षण गैर-संवैधानिक है। लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन और परिसीमन से संबंधित तीन विधेयकों को पेश किये जाते समय समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता अखिलेश यादव और धर्मेंद्र यादव की कुछ टिप्पणियों का जवाब देते हुए शाह ने ये बातें कहीं।
कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन संबंधी विधेयक को ऐतिहासिक करार देते हुए बृहस्पतिवार को लोकसभा में कहा कि प्रस्तावित परिसीमन से किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा और जिसकी जो ताकत है वो बनी रहेगी। उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर अपने विचार रखते हुए सदस्यों का आह्वान किया कि वे इन विधेयकों को सर्वसम्मति से पारित करें। मेघवाल ने कहा, ‘‘मुझे गर्व, हर्ष और रोमांच की अनुभूति होती है। आज का दिन संसदीय इतिहास में स्वर्णिम अक्षर में लिखा जा रहा है।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी सहित 16 नवनिर्वाचित/पुनर्निर्वाचित राज्यसभा सदस्यों ने बृहस्पतिवार को पद की शपथ ली। भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने बिहार, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करने वाले इन सदस्यों को उच्च सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। राज्यसभा में बृहस्पतिवार को सदन की पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई और पार्श्च गायिका आशा भोसले को श्रद्धांजलि दी गई। सदन की बैठक शुरू होने पर राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने मोहसिना किदवई और आशा भोसले के निधन का जिक्र किया।