Karnataka की Minority Scheme पर बवाल, Tejasvi Surya बोले- सड़कों का कोई धर्म नहीं होता

By अंकित सिंह | May 02, 2026

भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कर्नाटक सरकार के अल्पसंख्यक बस्तियों के विकास के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित करने के फैसले पर तीखा हमला करते हुए इसकी संवैधानिक वैधता और व्यापक सामाजिक प्रभाव पर सवाल उठाए हैं। सूर्या का तर्क है कि सार्वजनिक धन का आवंटन धार्मिक पहचान के आधार पर नहीं होना चाहिए और उन्होंने इस कदम के कानूनी आधार पर स्पष्टीकरण की मांग की। उन्होंने पूछा कि किस संवैधानिक प्रावधान के तहत राज्य सरकार वस्तुनिष्ठ मानदंडों का उपयोग करते हुए सभी आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय केवल अल्पसंख्यक बस्तियों के लिए खर्च को उचित ठहरा सकती है।

भाजपा नेता ने यह भी चेतावनी दी कि नीतिगत ढांचे के माध्यम से समुदायों को औपचारिक रूप से अलग करके यह कदम अनजाने में ही घेटोकरण को बढ़ावा दे सकता है। सूर्या ने संवैधानिक सुरक्षा उपायों के संदर्भ में अपनी आलोचना प्रस्तुत की और भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और अनुच्छेद 15 का हवाला दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि धर्म से जुड़ा वित्तीय पैकेज कानून के समक्ष समानता और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों के अनुरूप कैसे हो सकता है।

इसे भी पढ़ें: West Bengal में Counting से पहले बड़ा फैसला, Election Commission ने 15 बूथों पर फिर वोटिंग का दिया आदेश

उन्होंने बहिष्कार पर भी चिंता व्यक्त की और पूछा कि यदि उद्देश्य केवल विकासात्मक है, तो हिंदू, दलित, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अन्य समुदायों द्वारा बसे समान रूप से अविकसित क्षेत्रों को तुलनीय लाभ क्यों नहीं मिलेंगे। भाजपा सांसद ने चेतावनी दी कि अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक क्षेत्रों को आधिकारिक रूप से अलग करने से अलगाव संस्थागत रूप ले सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि विकास के लाभों के लिए धर्म को निर्णायक कारक क्यों बनाया जाना चाहिए और इस दृष्टिकोण की तुलना अतीत के विभाजनकारी ढांचों से की, जिसमें दो-राष्ट्र सिद्धांत के पीछे का तर्क भी शामिल है।

प्रमुख खबरें

Mothers Day Gift Ideas: मां के लिए परफेक्ट हैं ये Trending Silver बिछिया, देखें Latest Designs

IPL में Vaibhav Suryavanshi पर गुस्सा दिखाना Kyle Jamieson को पड़ा महंगा, BCCI ने लगाई फटकार

West Bengal Election 2026 | TMC को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती पर लगी मुहर

AAP छोड़ BJP में आए Sandeep Pathak पर FIR, बोले- मुझे जानकारी नहीं, ये उनकी डरपोकता है