By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 23, 2023
रूस और यूक्रेन ने बुधवार तड़के एक-दूसरे पर ड्रोन से हमले किए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। माना जा रहा है कि यूक्रेन ने एक बार फिर मॉस्को को निशाना बनाने की कोशिश की, जबकि रूसी सैनिकों ने यूक्रेन के अनाज भंडारण डिपो पर एक बार फिर बमबारी शुरू कर दी है। यूक्रेन और रूस के बीच गत 18 महीने से जारी युद्ध में यूक्रेन के अनाज भंडार पर हमला मॉस्को की एक रणनीति बन गया है। दिन में यूक्रेन की खुफिया एजेंसी ने दावा किया कि उसने क्रीमिया में रूस द्वारा तैनात अहम हवाई मिसाइल रक्षा प्रणाली एस-400 को नष्ट कर दिया है। यूक्रेन के दावे की अगर पुष्टि हो जाती है तो यह मॉस्को के लिए एक और असहज करने वाली स्थिति होगी। यूक्रेन लगातार दक्षिणी और पूर्वी यूक्रेन के रूसी मोर्चे से कहीं भीतर तक घुसकर मॉस्को की परिसंपत्तियों को निशाना बना रहा है। संक्षिप्त नाम जीयूआर के नाम से जानी जाने वाली एजेंसी ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर दावा किया कि रूस के पास ‘सीमित संख्या’ में जटिल प्रणाली है और यह क्षति ‘उसके लिए बड़ा झटका’ है।
इस बीच, रूस के रक्षा मंत्रालय और मॉस्को के महापौर ने दावा किया कि रूसी सुरक्षा बलों ने बुधवार तड़के राजधानी मॉस्को और इसके आसपास के क्षेत्रों में यूक्रेन के ड्रोन विमानों को मार गिराया। मंत्रालय ने हालांकि कहा कि इन ड्रोन हमलों में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने बताया कि एक ड्रोन मॉस्को शहर में निर्माणाधीन इमारत पर गिरा। उन्होंने कहा कि यह प्रतिष्ठित वाणिज्यिक परिसर पहले भी दो बार ड्रोन की चपेट में आ चुका है। सोबयानिन के मुताबिक, उक्त घटना में पास की दो इमारतों की कई खिड़कियां टूट गईं, जिसके बाद आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ड्रोन विमानों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से जाम कर दिया गया। मॉस्को ने यूक्रेन पर हमले का आरोप लगाया और कहा कि रूस के मोजाहिद और खिमकी इलाकों में वायु रक्षा प्रणालियों ने दो अन्य ड्रोन को मार गिराया। रूस की सरकारी मीडिया के अनुसार, घटना के कारण मॉस्को के हवाई अड्डे थोड़ी देर के लिए बंद कर दिए गए, लेकिन अब उन्हें फिर से खोल दिया गया है। हाल के दिनों में रूस की धरती पर ड्रोन हमले काफी बढ़ गए हैं, लेकिन इनसे संपत्ति की बहुत कम क्षति हुई है और कोई हताहत नहीं हुआ है। यूक्रेन के अधिकारियों ने पुरानी नीति के तहत न तो हमले की पुष्टि की है और न ही इससे इनकार किया है।