By अभिनय आकाश | Apr 14, 2025
भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान में हलचल मच गई है। अफगानिस्तान की सीमा पर रूस ने अपनी सेना भेज दी है। रूस की सेना ने तजाकिस्तान के साथ मिलकर अफगानिस्तान की सीमा पर जबरदस्त युद्धाभ्यास शुरू कर दिया है। इस युद्धाभ्यास में ड्रोन, टैंक, 24 हेलीकॉप्टर सहित कई खतरनाक सैन्य उपकरण मैदान में उतार दिए गए हैं। लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ है कि रूस को अफगानिस्तान के पास अपनी सेना भेजनी पड़ गयी है। लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ है कि अफगानिस्तान के पास रूस को अपनी सेना भेजनी पड़ गई है और क्या भारत अफगानिस्तान में आने वाले तूफान से निपटने के लिए तैयार है?
2021 में अमेरिकी सेना के अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने के बाद चीन बगराम एयरबेस पर कब्जे की कोशिश में लगा हुआ है क्योंकि चीन बगराम एयरबेस के पास ही अपनी एक न्यूक्लियर फैसिलिटी बना रहा है। इस खबर ने अमेरिका के होश दिए क्योंकि यह इलाका कभी अमेरिका के कब्जे में था। अमेरिका के 20 साल तक चले अफगानिस्तान युद्ध के दौरान बगराम एयरबेस अमेरिकी सेना का गढ़ था। 20 सालों तक अमेरिका ने अफगानिस्तान और उसके आस पास के देशों पर जितने ऑपरेशन किये हैं वो बगराम एयरबेस पर बैठकर ही किये हैं।
बगराम एयरबेस अमेरिका के लिए कितना महत्वपूर्ण है यह डोनाल्ड ट्रंप के बयान से ही समझ आता है डोनाल्ड ट्रंप कई बार कह चुके हैं कि बाइडेन ने गलत तरीके से अफगानिस्तान को छोड़ा। ट्रम्प ने कहा कि बगराम एयरबेस को छोड़ना अमेरिका की सबसे बड़ी भूल है क्योंकि यहां पर चीन आकर बैठ गया है। ऐसे में खबर आई है कि बगराम एयरबेस पर अमेरिका ने अपना एक मिलिट्री विमान उतार दिया है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी सेना का सी 17 ग्लोब मास्टर विमान बगराम में उतरा है। अमेरिका फिर से बगराम एयरबेस पर कब्जा चाहता है। यहां से वो रूस, चीन, ईरान और कुछ हद तक भारत पर नियंत्रण रखना चाहता है। इस काम के लिए अमेरिका पाकिस्तान से मदद ले सकता है। यह खबर सुनते ही रूस भी एक्टिव हो गया क्योंकि 1950 में चल रही जंग के चलते रूस ने हीं बगराम एयरबेस बनाया था। बगराम एयरबेस सोवियत संघ का भी गढ़ रहा है।