By अभिनय आकाश | Sep 28, 2026
रूस और भारत की कितनी मजबूत और विश्वास से भरी दोस्ती है। आए दिन इसकी झलक देखने को मिलती रहती है। जब भी भारत पर कोई भी संकट आया तो रूस चट्टान की तरह खड़ा दिखाई दिया। रूस ने हमेशा से ही भारत के लिए वो फैसले लिए जो इसके विकास में रफ्तार देने वाले साबित हो। रूस और भारत की दोस्ती तोड़ने के लिए अमेरिका जैसे देशों ने ना जाने कितनी कोशिशें की। लेकिन हर बार उनकी कोशिशें नाकाम ही साबित हुई। अब रूस ने भारत के लिए ऐसा धमाकेदार काम किया है जिसने अमेरिका, चीन समेत दुनिया के बड़े-बड़े देशों को हिलाकर रख दिया है। यही नहीं बल्कि रूस के एक ऐलान के बाद कई देश भी भारत के समर्थन में कूद पड़े। दरअसल रूस ने भारत को वीटो पावर दिलाने के लिए यूएन में खुलकर समर्थन करते हुए ऐसी बात कही कि सब देखते रह गए। रूस के विदेश मंत्री सरगेई लावरोव ने यूएनएससी में भारत को स्थाई सदस्य बनाए जाने की मांग का एक बार फिर समर्थन किया।
दरअसल यूएससी में कुल 15 सदस्य होते हैं। जिनमें वीटो पावर वाले पांच स्थाई सदस्य हैं। जिसमें चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका हैं। इसके अलावा 2 साल के कार्यकाल के लिए चुने गए 10 अस्थाई सदस्य भी शामिल हैं। यूएन चार्टर में बदलाव के लिए यूएन जनरल असेंबली में दो तिहाई बहुमत और सदस्य देशों के दो तिहाई हिस्से से औपचारिक मंजूरी की जरूरत होती है। इस मंजूरी में सभी पांच स्थाई सदस्यों का शामिल होना जरूरी है। यूएनएससी में स्थाई सदस्य के लिए अमेरिका, रूस, फ्रांस और ब्रिटेन कई बार खुलकर भारत का समर्थन कर चुके हैं। हालांकि चीन भारत की स्थाई मेंबरशिप का स्पष्ट समर्थन करने से बचता रहा है। लेकिन पिछले कुछ समय में चीन के रूप में बदलाव देखने को मिला है। चीन भारत के साथ रिश्तों को सुधारने की कोशिशों में लगा हुआ है।