जयशंकर ने टेबल पर मारा हाथ, बदतमीज पाकिस्तानी का दिमाग ही घूम गया

संयुक्त राष्ट्र में एक पाकिस्तानी पत्रकार ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के भाषण में बाधा डालते हुए भारत पर आतंकवाद का आरोप लगाया। इस पर जयशंकर ने पलटवार करते हुए कहा कि एक आतंकी देश उनसे यह सवाल पूछ रहा है। इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए मेज पर हाथ मारकर कड़े कूटनीतिक अंदाज में सख्त संदेश दिया।
पाकिस्तान ने अपनी हैसियत के हिसाब से गंदी हरकत की है। दरअसल आतंकियों के देश पाकिस्तान के एक बदतमीज पत्रकार ने भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर की स्पीच को बीच में रोकने की कोशिश की। पाकिस्तानें। संयुक्त राष्ट्र में जानबूझकर पाकिस्तान के पत्रकारों को प्लांट किया जाता है। पाकिस्तानी पत्रकार ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को बीच में टोकते हुए कहा कि भारत हमारे देश में आतंकवाद फैला रहा है। सोचिए जिस देश में स्टार्टअप्स के नाम पर हर हफ्ते एक नया आतंकी संगठन बनता है। उसी देश का पत्रकार आतंकवाद का आरोप भारत पर लगा रहा है। लेकिन इस पत्रकार और इसके देश की धज्जियां डॉक्टर एस जयशंकर ने उड़ा दी। डॉक्टर एस जयशंकर तो लाइब्रेरिया की विदेश मंत्री के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बात कर रहे थे। कई बार भारत के मरीन कमांडोज़ ने ही समुद्री लुटेरों से पाकिस्तानी नाविकों को बचाया है। डॉक्टर एस जयशंकर तो जंग के साए के बीच काम कर रहे दुनिया भर के नाविकों की सुरक्षा पर बात कर रहे थे। लेकिन इस गंभीर मुद्दे को बीच में रोकते हुए पाकिस्तान का यह पत्रकार खड़ा हो गया।
इसे भी पढ़ें: UNGA के इतर S Jaishankar ने Russia और Iran के विदेश मंत्रियों से की अहम वार्ता
डॉक्टर एस जयशंकर ने इस पत्रकार से कहा कि एक आतंकवादी देश मुझसे यह सवाल पूछ रहा है। पाकिस्तानी पत्रकार के प्लांटेड सवाल का जवाब देने के बाद डॉक्टर एस जयशंकर पहले मुस्कुराए। एक यूनिक डिप्लोमेटिक अंदाज में टेबल पर हाथ मारा और वहां से चले गए। बहरहाल टेबल पर इस तरह से हाथ मारने का सबसे बड़ा मतलब नो टॉलरेंस पॉलिसी और आक्रामक कूटनीति दिखाना होता है। अब जाहिर सी बात है कि इस नौसीखीय पत्रकार को डॉक्टर एस जय शंकर आक्रामकता तो नहीं दिखाएंगे। इसके लिए तो डॉक्टर एस जय शंकर की खून सुखाने वाली मुस्कुराहट ही काफी थी। हाथ की यह मार पाकिस्तान के लिए थी। डिप्लोमेसी और नेगोशिएशन में टेबल पर इस तरह से हाथ मारने का सबसे बड़ा मतलब बातचीत या बहस की गुंजाइश को खत्म करना भी हो सकता है। इसके अलावा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा रुख दिखाने के लिए भी शब्दों की जगह टेबल की आवाज सुनाई गई है।
अन्य न्यूज़













