By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 10, 2026
मॉस्को, नौ अगस्त रूस के उपप्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बॉस्फोरस जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करने के लिए रूस को हिंद महासागर तक रेल मार्ग बनाने की जरूरत है। खुसनुलिन की यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में आई है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम जलमार्ग है, जिससे सामान्य दिनों में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से का परिवहन होता है।
वहीं, बॉस्पोरस जलडमरूमध्य काला सागर को मारमारा सागर से जोड़ने वाला अहम जलमार्ग है। बॉस्पोरस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखने वाले तुर्किये ने कहा है कि बढ़ती चिंताओं के बावजूद यह जहाजों की आवाजाही के लिए खुला हुआ है। यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब रूस के ऊर्जा निर्यात को लेकर पश्चिमी देशों का दबाव बढ़ रहा है।
अमेरिकी सीनेट ने 29 जुलाई को एक विधेयक आगे बढ़ाया है, जिसके तहत भारत समेत उन देशों पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रावधान है, जो रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदना जारी रखते हैं। संबंधित प्रस्ताव के व्यापक भू-राजनीतिक निहितार्थ भी हो सकते हैं, क्योंकि इसके ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजरने तथा रूस को हिंद महासागर तक जमीन के रास्ते एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग प्रदान करने की संभावना है।