By अभिनय आकाश | Apr 04, 2025
डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति महायुद्ध की घंटी बजाती नजर आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच टेंशन और भी ज्यादा बढ़ गई है। अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमले की तैयारी की जा रही है। अमेरिकी स्टेल्थ बी टू बॉम्बर हमले के लिए तैयार हैं। द सन की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लादेन को दफनाने वाला वॉर शिप भेजा गया है। यूएसएस कार्ल विल्सन को फारस की खाड़ी में भेजा गया है। यूएसएस कार्ल विल्सन अमेरिका के बड़े मिशन में शामिल रहा है। 35 का एक और स्कावड्रन मीडिल ईस्ट में तैनात कर दिया गया है। ऐसा लग रहा है जैसे मानो ईरान विनाश की अमेरिका ने शपथ सी ले ली हो। इसके अलावा इजरायल की सेना भी ईरान पर हमले की पूरी तैयारी कर चुकी है। विध्वंसक हथियारों से ईरान की घेराबंदी की जा रही है। ईरान के खिलाफ सख्त प्रतिबंध की धमकी दी गई है। ईरान से संचालित हूती विद्रोहियों पर विध्वंसक हमले किए गए हैं। वजह सीधा सा है कि ईरान पर परमाणु समझौते के लिए दबाव बनाना। मीडिल ईस्ट में ईरान को अलग थलग करने की अमेरिका की रणनीति है। लेकिन ईरान के साथ कई देश खड़े होते नजर आ रहे हैं।
अमेरिका के संभावित हमले के डर से ईरानी सेना हाई अलर्ट पर है। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर न्यूज़ ने इस बारे में बड़ा दावा किया है। ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। डिएगो गार्सिया द्वीप, जो ब्रिटेन के नियंत्रण में है, पर भी सभी की नज़र है, क्योंकि अतीत में अमेरिका ने इसी जगह से अफगानिस्तान और इराक पर हमले किए थे। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामनेई ने अमेरिका के किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने की चेतावनी दी है। कई अनुमानों में यहां तक आशंका जताई गई है कि ईरान के समृद्ध यूरेनियम का भंडार 60% से ज्यादा हो चुका है। यानि ईरान परमाणु बम बनाने के काफी नजदीक पहुंच चुका है। हालांकि तेहरान कहता आया है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है, लेकिन सऊदी अरब और इजरायल जैसे देशों को उसकी मंशा खतरनाक लगती है।