By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 25, 2022
नयी दिल्ली। यूक्रेन और रूस के बीच सैन्य युद्ध से ऊर्जा के दाम वैश्विक स्तर पर बढ़े हैं। इससे बिजली संयंत्रों की कोयला आयात की प्रवृत्ति कम होगी। फलत:निजी उपयोग वाले बिजली संयंत्रों और इस्पात तथा एल्यूमीनियम जैसे उद्योगों के लिये सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया से ईंधन की आपूर्ति पर और असर पड़ेगा। यह बात इंडियन कैप्टिव पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (आईसीपीपीए) ने कही है। संगठन के अनुसार वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संसाधनों की बढ़ती कीमतों के बीच बिजली उत्पादक अपनी मांग को पूरा करने के लिए घरेलू कोयले की आपूर्ति को लेकर सरकार पर दबाव डालेंगे। इससे बिजली के अलावा दूसरे क्षेत्रों में ईंधन की आपूर्ति पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। आईसीपीपीए के महासचिव राजीव अग्रवाल ने पीटीआई-से कहा, रूस-यूक्रेन संकट के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा के दाम तेजी से बढ़े हैं।