By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 30, 2026
विदेश मंत्री एस जयशंकर शुक्रवार को अटलांटा में आयोजित होने वाली जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक की अध्यक्षता अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो करेंगे जिसमें ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को सुगम बनाने और साझा आर्थिक एवं सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। जयशंकर बृहस्पतिवार देर शाम अटलांटा पहुंचे।
इन उद्देश्यों में आर्थिक विकास को गति देना, आर्थिक सुरक्षा मजबूत करना और अमेरिकी नागरिकों के लिए ठोस परिणाम हासिल करना शामिल है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा, विदेश मंत्रियों की पूरी बैठक के दौरान अमेरिका जी-20 के साझेदार देशों के साथ मिलकर उन भू-राजनीतिक संकटों से निपटने के लिए काम करेगा, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था में बड़े संकट पैदा कर रहे हैं। इनमें समुद्री मार्गों से निर्बाध आवागमन की स्वतंत्रता के समक्ष खतरे, ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाएं शामिल हैं।
मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं। इन बैठकों में होने वाली चर्चा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मेजबानी में आयोजित होने वाले जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन और व्यापक आर्थिक एजेंडे की दिशा तय करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 दिसंबर को मियामी में जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।
जी-20 बैठक से इतर क्वाड देशों- अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्रियों की भी बैठक होगी। इस साल आयोजित होने वाली यह क्वाड विदेश मंत्रियों की दूसरी बैठक होगी। इसके बाद अगले महीने फिलीपीन में क्वाड नेताओं का शिखर सम्मेलन होने की संभावना है।
अटलांटा में जी-20 और क्वाड की बैठकों में हिस्सा लेने के बाद जयशंकर एंटीगुआ और बारबुडा जाएंगे, जहां वह एक से चार नवंबर तक आयोजित होने वाली राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक में शामिल होंगे।