By अंकित सिंह | Oct 30, 2026
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड के आरोपी और JDU से निकाले गए विधायक अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया है। मोकामा के विधायक के लिए यह एक बड़ा झटका है। आदेश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत भी रद्द कर दी। यह आदेश पटना हाई कोर्ट द्वारा अनंत सिंह को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई के दौरान आया। इस याचिका में दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में उनकी जमानत रद्द करने की मांग की गई थी।
याचिका में सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड का खुलासा न किए जाने पर भी सवाल उठाया गया। इससे पहले की एक सुनवाई में, याचिकाकर्ता के वकील ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सिंह ने अपने 67 आपराधिक मामलों के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी थी। यह मामला 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व नेता और जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या से जुड़ा है।
30 अक्टूबर 2025 को मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि उस समय JD(U) के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अनंत सिंह और जन सुराज के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के चुनाव प्रचार के काफिले आमने-सामने आ गए थे, जिसके बाद उनके समर्थकों के बीच झड़प हो गई। पुलिस जांच के अनुसार, हिंसा के दौरान यादव को कथित तौर पर एक SUV से कुचल दिया गया था। हालांकि, उनके परिवार का दावा है कि गाड़ी से कुचले जाने से पहले उन्हें गोली मारी गई थी।