By अभिनय आकाश | Aug 27, 2026
नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को विदेश मंत्रालय (MEA) के अधिकारियों और काठमांडू व बीजिंग में मौजूद भारतीय राजदूतों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल और विदेश सचिव विक्रम मिसरी भी शामिल हुए। एक्स एक पोस्ट में जयशंकर ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में सभी भारतीयों की स्थिति और उनकी सलामती का पता लगाने के लिए तेज़ी से कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा, एमईए मामले में अलग-अलग मंत्रालयों, राज्य सरकारों, टूर ऑपरेटरों और प्रोजेक्ट अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहा है। हम इस पहलू और राहत कार्यों, दोनों पर ही नेपाली पक्ष के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।" MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी एक्स र जयशंकर की अपडेट को री-शेयर किया और लिखा विदेश मंत्री @DrSJaishankar ने नेपाल बाढ़ आपदा पर विदेश सचिव, MEA अधिकारियों और काठमांडू व बीजिंग में हमारे राजदूतों के साथ समीक्षा बैठक की।
नेपाल और चीन में भारतीय दूतावासों ने कहा कि उन्होंने बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी के लिए हेल्पलाइन शुरू की हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नेपाल के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बात की और जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, "भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।" अचानक आई बाढ़ के बाद, नेपाल पर्यटन बोर्ड ने गुरुवार को बताया कि रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग और गोरखा जिलों में भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों में बाढ़ आने के बाद लापता लोगों में 178 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।