BRICS Summit 2026 की सफलता पर बोले S Jaishankar, बंटी दुनिया में भारत ने बनाई सहमति

By अभिनय आकाश | Sep 14, 2026

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को ब्रिक्स इंडिया समिट 2026 के सफल समापन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत की "मजबूत एकजुट करने की क्षमता" को दिखाया और यह साबित किया कि बहुत ज़्यादा बंटी हुई दुनिया में भी आम सहमति बनाई जा सकती है। मीडिया से बात करते हुए जयशंकर ने बताया कि समिट में 32 प्रतिनिधिमंडलों ने हिस्सा लिया, जिनमें 11 सदस्य देशों, 10 सहयोगी देशों, चार क्षेत्रीय संगठनों और सात अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने कहा कि ज़्यादातर देशों का प्रतिनिधित्व सबसे ऊँचे स्तर पर किया गया; इसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान, इथियोपियाई प्रधानमंत्री अबिय अहमद अली, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान की मौजूदगी खास रही।

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जयशंकर ने कहा कि समिट के दो मुख्य सेशन जो सुधार और मज़बूती पर केंद्रित थे, ऐसे विषय थे जिन्होंने अलग-अलग राय रखने वाले देशों को एक साथ लाने में मदद की। विदेश मंत्री ने आतंकवाद पर बनी आम सहमति का भी ज़िक्र किया और कहा कि ब्रिक्स ने साफ़ कर दिया है कि आतंकवाद अपने किसी भी रूप या तरीके में मंज़ूर नहीं है। उन्होंने 'नई दिल्ली घोषणापत्र' में 22 अप्रैल, 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा और आतंकवाद के प्रति "ज़ीरो टॉलरेंस" (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाने और इस खतरे से निपटने में दोहरे मापदंडों को खारिज करने की बात पर ज़ोर दिया।

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