By अंकित सिंह | Oct 15, 2026
पंजाब में गैंग हिंसा और सार्वजनिक सुरक्षा के बड़े राजनीतिक मुद्दे बन जाने के बीच, कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ अपना हमला सीधे पीड़ितों के परिवारों के घरों तक ले जाने का फैसला किया है। AICC के महासचिव और पंजाब प्रभारी सचिन पायलट 16 अक्टूबर से राज्य के पांच दिवसीय दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वे गैंग हिंसा की घटनाओं में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात करेंगे। कांग्रेस, इन परिवारों के न्याय के इंतजार को भगवंत मान सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियान का मुख्य मुद्दा बनाएगी।
PPCC प्रमुख परगट सिंह ने कहा कि कई परिवारों को गिरफ्तारियों, चार्जशीट दाखिल होने या अदालती कार्यवाही में आगे बढ़ने के लिए महीनों, और कुछ मामलों में तो वर्षों तक इंतजार करना पड़ा है। कई हत्याओं की जिम्मेदारी संगठित गिरोहों ने ली है या उनका संबंध इन गिरोहों से जोड़ा गया है। विपक्ष का कहना है कि ये ऐसे सवाल हैं जिन्हें सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती। पायलट के लिए, यह दौरा कांग्रेस की उस क्षमता की परीक्षा भी होगा कि वह कानून-व्यवस्था को लेकर जनता के गुस्से को पूरे पंजाब में एक निरंतर राजनीतिक अभियान में कैसे बदल पाती है। पार्टी का मानना है कि सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस और बयानों तक सीमित रहने के बजाय, पीड़ितों के परिवारों से मिलकर वह राज्य सरकार के खिलाफ अपने हमले को एक मानवीय चेहरा दे सकेगी।
कांग्रेस ने AAP सरकार पर आरोप लगाया है कि वह संगठित गिरोहों पर लगाम लगाने और लोगों के बीच सुरक्षा की भावना सुनिश्चित करने में विफल रही है। पार्टी की योजना है कि इस दौरे के दौरान सामने आई शिकायतों को राज्य सरकार के सामने रखा जाए और जरूरत पड़ने पर अदालतों का दरवाजा भी खटखटाया जाए। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले AAP के खिलाफ अपनी राजनीतिक चुनौती को और धार देना चाहती है। इस मुकाबले में कानून-व्यवस्था का मुद्दा प्रमुख रहने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष सरकार से यह सवाल पूछना चाहता है कि उसने गिरोहों की हिंसा से कैसे निपटा और पीड़ितों के परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए।