BJP की फटकार के बाद गोडसे को देशभक्त कहने पर साध्वी प्रज्ञा ने मांगी माफी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 16, 2019

भोपाल। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को बृहस्पतिवार को देशभक्त बताने के कुछ ही घंटे बाद भोपाल लोकसभा सीट की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपना विवादित बयान वापस लेते हुए देश के लोगों से माफी मांग ली। प्रज्ञा के प्रवक्ता एवं मध्य प्रदेश भाजपा नेता हितेश बाजपेयी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘प्रज्ञा जी ने अपने इस बयान के लिए माफी मांग ली है।’’ जब उनसे सवाल किया गया कि क्या प्रज्ञा ने मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह से माफी मांगी है, तो इस पर बाजपेयी ने कहा, ‘‘यह मुद्दा नहीं है। उन्होंने माफी मांग ली है और अपना बयान वापस ले लिया है।’’

देवास लोकसभा सीट पर 19 मई को होने वाले चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशी महेन्द्र सोलंकी के समर्थन में आगर मालवा में रोडशो कर रही प्रज्ञा ने एक सवाल के जवाब में स्थानीय न्यूज चैनल से कहा, ‘‘नाथूराम गोडसे देशभक्त थे, हैं और रहेंगे। गोडसे को आतंकी बोलने वाले खुद के गिरेबान में झांककर देखें। अबकी बार चुनाव में ऐसा बोलने वालों को जवाब दे दिया जाएगा।’’ उक्त चैनल के पत्रकार ने प्रज्ञा से सवाल किया था कुछ दिन पहले कमल हासन ने गोडसे को देश का पहला हिन्दू आतंकवादी कहा था, इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है।

इसे भी पढ़ें: मायावती का BJP पर बड़ा हमला, बोलीं- RSS ने भी छोड़ दिया मोदी का साथ

मालूम हो कि कुछ दिन पहले मक्कल नीधि मैयम (एमएनएम) के संस्थापक एवं मशहूर अभिनेता कमल हासन ने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के संदर्भ में विवादित बयान देते हुए कहा था कि ‘आजाद भारत का पहला चरमपंथी एक हिंदू था।’ प्रज्ञा वर्ष 2008 में हुए मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। भोपाल लोकसभा सीट पर प्रज्ञा का मुख्य मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह से है। इस सीट पर 12 मई को मतदान हो चुका है और अब वह पार्टी के अन्य प्रत्याशियों के लिए प्रदेश में प्रचार कर रही हैं।

प्रमुख खबरें

सचिन तेंदुलकर के साथ Debut करने वाले Salil Ankola डिप्रेशन में, Pune के सेंटर में भर्ती हुए

Cooper Connolly का तूफानी शतक पड़ा फीका, Sunrisers Hyderabad ने जीता रोमांचक मैच

West Bengal: अब ममता बनर्जी नहीं रहीं मुख्यमंत्री, राज्यपाल आरएन रवि ने भंग की विधानसभा

सियासत का नया व्याकरण लिखता जनादेश 2026