By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 27, 2026
संभल में कथित तौर पर राजनीतिक लाभ के लिए भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में पुलिस की रिपोर्ट पर नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय ने चार लोगों को तीन अक्टूबर को अदालत में पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। एक प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि नोटिस पाने वालों में शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली, समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश सिंघल और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता शकील अहमद शामिल हैं।
प्रशासन के अनुसार पूर्व में भी उनके बयानों से शांति भंग हुई थी और उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उनको जेल भेजा जा चुका है। नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से जारी नोटिस में चारों से पूछा गया है कि छह माह तक शांति बनाए रखने के लिए उनसे 20,000 रुपये की जमानत या इतनी ही राशि का निजी मुचलका क्यों न भरवाया जाए। गौरतलब है कि बीते बुधवार को तहसील संभल के थाना हजरत नगर गढ़ी क्षेत्र के गांव रहटौल में रामलीला मंच से संबोधन में भाजपा नेता राजेश सिंघल ने कहा था, ‘‘संभल में हरिहर मंदिर पर चढ़ाई करने जाओगे तो गोली नहीं चलेगी, योगी सरकार पुष्प वर्षा करेगी।
अब संभल की धरती पर मस्जिद नहीं, मंदिर बनेंगे।” इस बयान के बाद सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने औकात दिखाने की धमकी दी, जबकि एआईएमआईएम नेता शकील अहमद ने कड़ी आपत्ति जताई। बयानबाजी से माहौल गरमाने पर पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।