By प्रेस विज्ञप्ति | May 28, 2026
यह परियोजना भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा स्वीकृत ‘असिस्टेंस टू सेंट्रल एजेंसिज़ फॉर टूरिज़्म इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट’ योजना के अंतर्गत विकसित की गई है तथा इसका क्रियान्वयन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत मिनी रत्न सीपीएसई बेसिल द्वारा किया गया है।
परियोजना के बारे में बोलते हुए, बेसिल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर डी.के. मुरली (सेवानिवृत्त) ने कहा, “यह परियोजना नवीन एवं तकनीक-आधारित समाधानों के माध्यम से भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति बेसिल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। रामरेखा घाट पर यह पहल पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के साथ-साथ बिहार की कालजयी विरासत को आधुनिक एवं आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
इस अवसर पर बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन / डेयरी विकास विभाग के माननीय मंत्री नंद किशोर राम, बिहार के माननीय पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे, बक्सर विधायक आनंद मिश्रा, जिलाधिकारी साहिला (आईएएस) तथा बेसिल के उप-महाप्रबंधक बिपिन बी. पांडेय उपस्थित रहे।