By Prabhasakshi News Desk | Jan 08, 2025
लखनऊ । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि भारत की सनातन धर्म की परंपरा दुनिया की सबसे प्राचीन संस्कृति है और इसकी तुलना किसी मजहब और संप्रदाय से नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों की विरासत उनके पास है जिसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन भी उतने ही प्रचीन हैं। उन्होंने कहा ‘‘आकाश से भी ऊंची है सनातन की परंपरा, इसकी तुलना नहीं की जा सकती।’’ यहां जारी एक एक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित महाकुम्भ महासम्मलेन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
राष्ट्रीय एकता और हिंदू एकता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा ‘‘सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है। हिंदू एकता और राष्ट्रीय एकता एक-दूसरे के पूरक हैं। इतिहास गवाह है कि जब हम बंटे हैं, तो कमजोर हुए हैं, और जब एकजुट हुए हैं, तो अजेय बने हैं। इसीलिए मैंने पहले कहा था कि बंटोगे तो कटोगे और ‘एक रहोगे तो नेक रहोगे।’’ वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन कब्जे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह समझना मुश्किल है कि वक्फ बोर्ड है या भू-माफियाओं का बोर्ड। उन्होंने कहा ‘‘हमारी सरकार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया है और एक-एक इंच जमीन की जांच करवा रही है। जिन लोगों ने वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाई है, उनसे जमीन वापस ली जाएगी और गरीबों के लिए आवास, शिक्षण संस्थान और अस्पताल बनाए जाएंगे।’’
संभल में धार्मिक स्थलों पर विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में श्रीहरि विष्णु के दसवें अवतार कल्कि का उल्लेख पुराणों में मिलता है। उन्होंने कहा कि वहां धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा ‘‘हमारी सरकार ने न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की और दंगाइयों को सख्त संदेश दिया।’’ धर्म परिवर्तन और घर वापसी के मुद्दे पर बोलते हुए योगी ने कहा कि अगर कोई अंतर्मन से अपने धर्म में लौटना चाहता है, तो उसका स्वागत होना चाहिए। ‘‘यह धर्म और परंपरा के प्रति जागरूकता का संकेत है।