Kolkata Knight Riders में Mustafizur Rahman की एंट्री पर भड़के Sangeet Som, Shah Rukh Khan को बताया देश का गद्दार

By नीरज कुमार दुबे | Jan 01, 2026

क्रिकेट का मैदान, जो चौकों-छक्कों और खेल भावना के लिए जाना जाता है, वह अब सियासी गोलाबारी का अखाड़ा बनता जा रहा है। हम आपको बता दें कि इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से पहले ही एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है, जिसके केंद्र में हैं भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम, बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख़ ख़ान और बांग्लादेशी तेज़ गेंदबाज़ मुस्ताफ़िज़ुर रहमान। दरअसल आईपीएल 2026 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) द्वारा मुस्ताफ़िज़ुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपये में खरीदे जाने को क्रिकेट विशेषज्ञों ने जहां रणनीतिक मास्टरस्ट्रोक बताया, वहीं यह फैसला राजनीतिक और राष्ट्रवादी विवादों की आग में घी डालने वाला साबित हुआ। KKR के सह-मालिक शाहरुख़ ख़ान पर सीधा निशाना साधते हुए संगीत सोम ने उन्हें “गद्दार” तक कह डाला और खुले मंच से इस फैसले का विरोध किया।


हम आपको बता दें कि मेरठ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए संगीत सोम ने तल्ख़ लहजे में कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों को भारतीय धरती पर खेलने की इजाज़त नहीं दी जाएगी। उन्होंने शाहरुख़ ख़ान पर हमला बोलते हुए कहा कि अभिनेता अपनी कामयाबी की जड़ें भूल चुके हैं। उन्होंने कहा, हम दावे के साथ कह रहे हैं कि ऐसे खिलाड़ियों को यहां खेलने नहीं दिया जाएगा। शाहरुख़ ख़ान जैसे गद्दारों को यह समझ लेना चाहिए कि अगर आप आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं तो इस देश के लोगों की वजह से पहुंचे हैं। यहीं नहीं, सोम का हमला और भी तीखा होता गया। उन्होंने आरोप लगाया कि KKR का यह फैसला देश की भावनाओं के खिलाफ़ है। उन्होंने कहा कि कभी पाकिस्तान को चंदा देने की बात करते हैं, कभी रहमान जैसे खिलाड़ी खरीदने की बात करते हैं। यह अब इस देश में नहीं चलेगा। ऐसे गद्दारों के लिए देश में कोई जगह नहीं बचेगी।

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देखा जाये तो यह विवाद ऐसे समय पर भड़का है जब भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ़ हिंसा और लिंचिंग की घटनाओं ने माहौल पहले ही संवेदनशील बना रखा है। ऐसे में बांग्लादेशी खिलाड़ी की IPL में एंट्री को लेकर विरोध की आवाज़ें तेज़ होना लगभग तय माना जा रहा था। वैसे संगीत सोम अकेले ऐसे नेता नहीं हैं जिन्होंने इस मुद्दे को हवा दी हो। इससे पहले धार्मिक नेता देवकीनंदन ठाकुर भी KKR के इस फैसले पर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने केकेआर प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर खिलाड़ी को वापस नहीं लिया गया तो “बहुत बड़ा खेला” होगा। उनके बयान ने इस विवाद को और भड़काने का काम किया, जिससे यह साफ़ हो गया कि मामला सिर्फ़ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहने वाला।


वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि IPL जैसे वैश्विक मंच पर अब खिलाड़ी की काबिलियत से ज़्यादा उसका देश और मौजूदा राजनीतिक हालात मायने रखने लगे हैं। इसके साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या खेल को जानबूझकर राष्ट्रवाद की प्रयोगशाला बनाया जा रहा है?


हम आपको यह भी बता दें कि अब तक न तो शाहरुख़ ख़ान और न ही KKR प्रबंधन की ओर से इस पूरे विवाद पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आई है। वहीं, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भी बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर किसी तरह का औपचारिक प्रतिबंध नहीं लगाया है। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव जिस तरह बढ़ रहा है, उससे यह साफ़ संकेत मिल रहे हैं कि मुस्ताफ़िज़ुर रहमान के लिए IPL 2026 का रास्ता आसान नहीं होगा।

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