Supreme Court की वकीलों को सख्त चेतावनी, AI से याचिका बनाना 'सरासर अनुचित'

By अभिनय आकाश | Feb 17, 2026

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों से तैयार की गई याचिकाओं में चिंताजनक वृद्धि पर गहरी आशंका व्यक्त की। सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली और बीवी नागरत्ना एवं जॉयमाल्य बागची की पीठ ने पाया कि एआई द्वारा तैयार की गई कई याचिकाओं में अब ऐसे न्यायिक निर्णयों का हवाला दिया जा रहा है जिनका अस्तित्व ही नहीं है, जिससे कानूनी मसौदा तैयार करने की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न उठते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने "दया बनाम मानवता" जैसे काल्पनिक मामले के मनगढ़ंत उद्धरणों को देखकर चिंता व्यक्त की। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्हें इस तरह के एक काल्पनिक फैसले का पता चला। मुख्य न्यायाधीश ने दीपांकर दत्ता की अदालत में हुई एक ऐसी ही घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक नहीं बल्कि ऐसे कई फैसले उद्धृत किए गए, जो सभी फर्जी निकले।

इसे भी पढ़ें: Shatrughan Sinha पहुँचे Bombay High Court! अपनी आवाज, नाम और 'पर्सनैलिटी राइट्स' के दुरुपयोग पर लगाई रोक की मांग

मामले का संदर्भ: राजनीतिक भाषण पर जनहित याचिका की सुनवाई

ये टिप्पणियाँ शिक्षाविद रूप रेखा वर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) की सुनवाई के दौरान की गईं, जिसमें राजनीतिक भाषणों पर दिशा-निर्देशों की मांग की गई थी। यद्यपि जनहित याचिका एक अलग मुद्दे से संबंधित थी, पीठ ने अदालती दस्तावेजों में उभर रहे इस चिंताजनक चलन पर ध्यान देने का अवसर लिया।

प्रमुख खबरें

Mirzapur Road Accident | मिर्ज़ापुर में भीषण सड़क हादसा! ढलान पर ट्रक के ब्रेक फेल होने से मचा कोहराम, 11 लोगों की दर्दनाक मौत

Donald Trump की Nasty या Nice लिस्ट! ईरान युद्ध में साथ न देने वाले NATO सहयोगियों पर गिर सकती है गाज

Ganga Saptami 2026: गंगा सप्तमी पर गंगा स्नान का है विशेष महत्व

West Bengal Murshidabad Violence | मुर्शिदाबाद में पहले चरण के दौरान देसी बमों से हमला, कई लोग घायल, मतदान केंद्रों पर दहशत