Sanjay Gandhi Death Anniversary: बिना किसी पद के राजनीति में गहरी पकड़ रखते थे संजय गांधी, विमान हादसे में हुई थी मौत

By अनन्या मिश्रा | Jun 23, 2024

स्वतंत्र भारत के राजनैतिक इतिहास में कई बार बहुत बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। इन्हीं में से एक तारीख 23 जून 1980 है। इस दिन देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मौत हो गई थी। वैसे तो संजय गांधी किसी बड़े पद जैसे किसी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्री जैसे किसी संवैधानिक पद पर नहीं रहे। लेकिन उनका राजनैतिक रुतबा और दखल बेहद ज्यादा था। संजय गांधी को इंदिरा गांधी की राजनैतिक विरासत का उत्तराधिकारी माना जाता था। लेकिन 23 जून को संजय गांधी की मौत ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। उनकी मौत के बाद देश की राजनीतिक दिशा ही बदल गई। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर संजय गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... 

नई दिल्ली में 14 दिसंबर 1946 को इंदिरा गांधी और फिरोज गांधी के दूसरे बेटे के रूप में संजय गांधी का जन्म हुआ था। वह देश के पूर्व पीएम राजीव गांधी के छोटे भाई थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग को अपना कॅरियर चुना। इसके लिए उन्होंने इंग्लैंड के क्रू में रॉल्स रॉयस में तीन साल की एप्रेंटिसशिप भी की। संजय गांधी को स्पोर्ट्स कारों में खासी रुचि थी। वहीं साल 1976 में उन्होंने अपना पायलट का लाइसेंस भी बनवा लिया था। संजय को हवाई जहाज की कलाबाजियों का शौक भी था।

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आपातकाल और राजनैतिक सक्रियता

साल 1966 में जब प्रधानमंत्री रहे लाल बहादुर शास्त्री का निधन हुआ तो फिर इंदिरा गांधी देख की प्रधानमंत्री बनीं। इसी बीच संजय गांधी भी अपनी इंटर्नशिप को बीच में छोड़कर देश वापस आ गए। इस दौरान इंदिरा भी कांग्रेस पार्टी में अपनी पकड़ को मजबूत बनाने में जुटी थीं। साल 1970 तक कांग्रेस पार्टी पर इंदिरा गांधी का पूर्ण नियंत्रण हो गया। वहीं आपातकाल के दौरान संजय गांधी की राजनैतिक सक्रियता शुरू हुई और उन्होंने पीएम इंदिरा गांधी के सलाहकार के तौर पर अपनी पहचान बनाई।

बताया जाता है कि हर राजनीतिक मामले में संजय गांधी का सीधा दखल हुआ करता था। वह अक्सर विभागों और मंत्रालयों को सीधे आदेश दिया करते थे। वहीं इमरजेंसी के दौरान की गई कई सख्तियों के लिए सीधे तौर पर संजय गांधी को जिम्मेदार माना जाता है।

देश में विपक्ष की सरकार

देश में आपातकाल खत्म होने के बाद साल 1977 में कांग्रेस सरकार वापस सत्ता में नहीं आ सकी। साथ ही आपातकाल के आरोपों के कारण इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी हुई। इस गिरफ्तारी के बदले देश में सहानुभूति का माहौल पैदा हुआ और कुछ ऐसी राजनैतिक हलचल हुई कि साल 1980 में आम चुनाव की नौबत आ गई। इस दौरान संजय गांधी ने सभी को चौंकाते हुए पार्टी में ऐसी जान फूंकने का काम किया कि साल 1980 में इंदिरा गांधी प्रचंड जीत के साथ सत्ता में वापस आ गईं। इंदिरा गांधी की सत्ता में वापसी के पीछे संजय गांधी की चतुर रणनीति मानी जाती है। इसके बाद संजय गांधी को कांग्रेस पार्टी का महासचिव बना दिया गया।

मौत

संजय गांधी नई दिल्ली के सफदरजंग विमानतल के पास 23 जून 1980 को दिल्ली फ्लाइंग क्लब के नए विमान को उड़ा रहे थे। इस दौरान उन्होंने एरौबैटिक कलाबाजी करने की कोशिश की और तभी उनका विमान कंट्रोल से बाहर होकर क्रैश हो गया। इस हादसे में संजय गांधी के सिर में गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

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