संजय राउत ने की ‘एक देश, एक भाषा’ की वकालत, कहा- चुनौती स्वीकार करें अमित शाह

By अंकित सिंह | May 14, 2022

देश में हिंदी को लेकर लगातार राजनीतिक विवाद होता रहता है। हिंदी राष्ट्रभाषा होनी चाहिए या नहीं, यह सबसे बड़ा सवाल है। इन सब के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने एक देश एक भाषा की वकालत कर दी है। संजय राउत ने कहा है कि हिंदी पूरे भारत में बोली जाती है और उसकी स्वीकार्यता भी है। इसके साथ ही शिवसेना नेता ने अमित शाह को लेकर भी बड़ा बयान दे दिया। संजय राउत ने कहा कि अमित शाह को यह चुनौती स्वीकार करनी चाहिए कि भारत के सभी राज्यों में भाषा एक हो। आपको बता दें कि संजय राउत का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब लगभग 1 महीने पहले ही अमित शाह ने कहा था कि हिंदी को अंग्रेजी के विकल्प के तौर पर स्वीकार किया जाना चाहिए, ना कि स्थानीय भाषाओं के विकल्प के तौर पर। हालांकि, अमित शाह के बयान को लेकर राजनीतिक बवाल भी शुरू हो गया था। दक्षिण के राज्यों में इसका खूब विरोध हुआ था।

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शिवसेना के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे की रैली ‘‘ऐतिहासिक और क्रांतिकारी’’ होगी। राउत के मुताबिक, पूरा देश यह जानने के लिए ‘‘उत्साहित’’ है कि ठाकरे जनसभा के दौरान क्या कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोग महाराष्ट्र में माहौल बिगाड़ना चाहते हैं, महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार को बदनाम करनाा चाहते हैं और राज्य सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इन सभी को करारा जवाब देंगे।’’ एक सवाल के जवाब में राउत ने कहा कि शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे इकलौते ‘हिंदू हृदय सम्राट थे, हैं और रहेंगे।’ राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस पार्टी के चिंतन शिविर से जुड़े एक सवाल के जवाब में शिवसेना नेता ने कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी को खुद अपने आप को उठाना चाहिए, केवल तभी देश किसी बदलाव की उम्मीद कर सकता है।

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