Pune में बोले Defence Production सचिव Sanjeev Kumar: मानकों का पालन न होना दुर्घटनाओं की वजह

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026

रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाले रक्षा उत्पादन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि विस्फोटक सामग्री और गोला-बारूद बनाने वाले क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी खामियों की मुख्य वजह नियमों का अभाव नहीं, बल्कि मौजूदा मानकों का लचर क्रियान्वयन है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं को सिर्फ कम करने के बजाय उन्हें पूरी तरह से ‘‘खत्म’’ किया जाना चाहिए। रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार ने विस्फोटक पदार्थ और गोला-बारूद बनाने वाली इकाइयों में सुरक्षा नियमों का पालन बेहतर करने और मानवीय निगरानी पर निर्भरता घटाने के लिए प्रौद्योगिकी का अधिक इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विस्फोटक सामग्री से जुड़ी दुर्घटनाओं से अपूरणीय जनहानि होती है, इसलिए इन्हें हर हाल में रोका जाना चाहिए। रक्षा उत्पादन सचिव ने सुझाव दिया कि विस्फोटक सामग्री और गोला-बारूद बनाने वाली इकाइयों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन बेहतर करने और मानवीय निगरानी पर निर्भरता घटाने के लिए प्रौद्योगिकी -- जैसे सेंसर, सीसीटीवी कैमरे, ‘ऑटोमेटेड मॉनिटरिंग सिस्टम’ और ‘डेटा एनालिटिक्स’ -- अधिक इस्तेमाल किया जाए। आईएएस अधिकारी ने उद्योग जगत से केवल गोला-बारूद के उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय प्रणोदक (प्रोपेलेंट) जैसे महत्वपूर्ण कच्चे माल के उत्पादन में निवेश करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘देश में प्रोपेलेंट की कमी है। हम केवल मौजूदा निर्माताओं से इसकी आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन देश में प्रोपेलेंट उत्पादन क्षमता विकसित करने के लिए पर्याप्त निवेश नहीं कर रहे हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘रक्षा उत्पादन विभाग में पहले 19 हितधारकों के साथ बातचीत होती थी। पिछले महीने हमने इनकी संख्या घटाकर सिर्फ तीन कर दी, जिससे मंज़ूरी मिलने में लगने वाला समय तीन से छह माह से घटकर एक महीने से भी कम हो जाएगा।

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