Sansad Diary: हंगामेदार रहा Budget Session का पहला चरण, 9 मार्च तक कार्यवाही स्थगित

By अंकित सिंह | Feb 13, 2026

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के संस्मरण से जुड़े विवाद को लेकर कई दिनों तक चले तीखे राजनीतिक वाद-विवाद के बाद शुक्रवार को बजट सत्र का पहला चरण समाप्त हो गया। यह विवाद संसद के बाहर भी चर्चा का विषय बना रहा। लोकसभा में आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका दोनों सदन अब तीन सप्ताह के अवकाश पर चले गए हैं। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही 9 मार्च को फिर से शुरू होगी। बजट सत्र, जो 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संसद को दिए गए संयुक्त संबोधन के साथ शुरू हुआ था, 65 दिनों में 30 बैठकों के साथ समाप्त होगा। मध्यावधि अवकाश के दौरान स्थायी समितियां विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के अनुदान अनुरोधों की जांच करेंगी।

सूत्रों ने कहा कि नोटिस बजट सत्र के द्वितीय चरण की शुरुआत होने पर विचार के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। उच्च सदन में भी 2 फरवरी से राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। इस चर्चा का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पांच फरवरी को जवाब दिया था। राज्यसभा में नौ मार्च से आम बजट 2026-27 पर चर्चा शुरू हुई थी जिसका जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 फरवरी को दिया। कल ही उच्च सदन में औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक को संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित किया गया था। 

आज की कार्यवाही

आम आदमी पार्टी के सदस्य संजय सिंह ने शुक्रवार को राज्यसभा में सरकार से मांग की कि थल सेना में भर्ती के लिए परीक्षा पास कर चुके युवाओं की तत्काल भर्ती की जाए और सैनिकों को वरिष्ठ अधिकारियों की सेवा में लगाना बंद किया जाए। उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए सिंह ने कहा कि 2019 से 2022 के बीच लगभग 1.23 लाख युवाओं ने थल सेना में भर्ती के लिए शारीरिक और चिकित्सा परीक्षा पास की, जबकि लगभग 7,000 उम्मीदवारों ने वायुसेना के लिए परीक्षा उत्तीर्ण की। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने शुक्रवार को कहा कि किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश से कोडीन आधारित कफ सिरप के सेवन से जुड़ी मौत का कोई मामला सामने नहीं आया है। नड्डा ने लोकसभा में प्रश्नकाल में कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए यह बात कही।

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राज्यसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य सज्जाद अहमद किचलू ने शुक्रवार को जम्मू और कश्मीर के छात्रों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राजस्थान के एक विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश देने की प्रतिबद्धता पूरी न किए जाने के कारण इन छात्रों का भविष्य अधर में है। किचलू ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जम्मू के कई छात्रों ने राजस्थान स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाने के लिए आवेदन किया लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने उन्हें प्रवेश दिलाने का आश्वासन दिया था। 

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