By अंकित सिंह | Dec 16, 2025
संसद के शीतकालीन सत्र में आज का दिन बेहद ही महत्वपूर्ण रहा। दोनों सदनों में कई महत्वपूर्ण कामकाज किए गए। हालांकि, लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच में वार-पलटवार का दौर साफ तौर पर देखने को मिला। मनरेगा की जगह लेने वाले विधेयक पर लोकसभा में प्रियंका गांधी बनाम शिवराज सिंह चौहान आमने सामने दिखे। वहीं, देश में अप्रचलित एवं पुराने हो चुके 71 कानूनों को निरस्त और संशोधित करने के प्रस्ताव वाले ‘निरसन और संशोधन विधेयक, 2025’ को लोकसभा ने मंजूरी दी। सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि जलवायु परिवर्तन महिलाओं पर काम का बोझ बढ़ा रहा है, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में उनपर यह जोखिम ज्यादा बढ़ रहा है।
- सरकार ने विपक्ष के तीखे विरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किया, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के स्थान पर लाया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)’ (विकसित भारत- जी राम जी) विधेयक, 2025’ पेश करने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दी। विपक्षी सदस्यों ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाया जाना उनका अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि विधेयक को वापस लिया जाए या फिर संसदीय समिति के पास भेजा जाए। चौहान ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, ‘‘महात्मा गांधी हमारे दिलों में बसते हैं।’’ उनका कहना था कि मोदी सरकार महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों पर आधारित कई योजनाएं चला रही है।
- कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने विधेयक पेश किए जाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे रोजगार का कानूनी अधिकार कमजोर हो रहा है। उन्होंने कहा कि मनरेगा में 90 प्रतिशत अनुदान केंद्र से आता था, लेकिन इस विधेयक में ज्यादातर प्रदेशों में अब 60 प्रतिशत अनुदान ही आएगा। इससे प्रदेशों की अर्थव्यवस्था पर बहुत भार पड़ेगा। ये उन प्रदेशों को और प्रभावित करेगा जिनकी अर्थव्यवस्था पहले से ही केंद्र की जीएसटी के बकाया का इंतजार कर रही है।
- कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मंगलवार को लोकसभा में ‘विकसित भारत-जी राम जी विधेयक, 2025’ पेश किए जाने का विरोध किया और देव आनंद की मशहूर फिल्म ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ के एक गीत का उल्लेख करते हुए सत्तापक्ष पर कटाक्ष किया कि ‘‘देखो ओ दीवानो तुम ये काम न करो, राम का नाम बदनाम ना करो।’’
- कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि कई अप्रचलित एवं पुराने कानूनों के निरसन व संशोधन का प्रस्ताव करने वाला विधेयक गुलामी की मानसिकता से मुक्ति की ओर बढ़ता कदम है। मेघवाल ने निरसन और संशोधन विधेयक, 2025 को सदन में चर्चा और पारित किए जाने के लिए रखते हुए कहा कि सरकार से समाज हित में कानून बनाने की अपेक्षा की जाती है, लेकिन एक समय आता है जब ऐसा लगता है कि उस कानून की उपयोगिता नहीं है या वह अपनी प्रासंगिकता खो चुका है तो ऐसे कानूनों का निरसन किया जाना चाहिए।
- राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि मोदी सरकार संसद में किसी भी मुद्दे पर चर्चा से कभी पीछे नहीं हटी। संविधान के तहत निर्वाचन आयोग के पास मतदाता सूची की समय-समय पर पुष्टि करने का अधिकार है। निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित किया कि कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर नहीं रहे और किसी भी अयोग्य व्यक्ति का नाम इसमें शामिल नहीं हो। निर्वाचन आयोग के लिए एसआईआर कराना इसलिए और जरूरी हो जाता है क्योंकि 2010 के बाद से किसी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया है। भारतीय निर्वाचन आयोग के कामकाज की निगरानी करने की जिम्मेदारी एक परिवार द्वारा नियंत्रित पार्टी के पास रही, जिस पर कोई प्रश्न नहीं उठा। नड्डा ने कांग्रेस सहित विपक्ष पर निर्वाचन आयोग, ईवीएम को निशाना बनाकर देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।
- वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि पिछले कुछ महीने में समुद्री निर्यात में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि कई देशों ने ‘डंपिंग रोधी’ शुल्क लगाया है। गोयल ने प्रश्नकाल में कांग्रेस सदस्य मणिकम टैगोर के पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार समुद्री मछलियों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास कर रही है।
- राज्यसभा में मंगलवार को कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के ऊपर काम का जबरदस्त दबाव और उन्हें कम मानदेय दिये जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार से अनुरोध किया कि देश भर में इनकी रिक्तियों को भरा जाए और इनके मानदेय में केंद्र द्वारा दिये जाने वाले अंशदान को दोगुना किया जाए।
- राज्यसभा में मंगलवार को आम आदमी पार्टी की सदस्य स्वाति मालीवाल ने आवारा पशुओं की समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि देश के प्रत्येक जिले में पशु चिकित्सालय, शरण स्थल और सारे उपकरणों से सुसज्जित एम्बुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए।