By रेनू तिवारी | Apr 17, 2026
वर्ष 2016 में ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘दंगल’ से बॉलीवुड में कदम रखने वाली अभिनेत्री सान्या मल्होत्रा आज फिल्म जगत का एक चमकता हुआ सितारा हैं। अपने अब तक के सफर को 'सपनों जैसा' बताते हुए सान्या ने कहा है कि वह उन अवसरों के लिए बेहद आभारी हैं, जिन्होंने उन्हें एक कलाकार के तौर पर पहचान दिलाई। सान्या अब नेटफ्लिक्स की नई कॉमेडी फिल्म ‘टोस्टर’ (Toaster) में एक बार फिर अपनी अदाकारी का जादू बिखेरने के लिए तैयार हैं।
राज ने मुझे फोन करके बताया कि हम एक फिल्म बना रहे हैं और मैंने ‘स्क्रिप्ट’ पढ़ने से पहले ही कह दिया था, ‘बिल्कुल’। अगर वह (राव) किसी परियोजना से जुड़े हैं तो वह अच्छा ही होगा। यह हमारी साथ में तीसरी फिल्म है। पहली (‘हिट’) में मैं सिर्फ एक सूटकेस में थी। दूसरी (‘लूडो’) में हम साथ नहीं थे। इसलिए मैं राज के साथ काम करने के लिए बेहद उत्सुक थी, क्योंकि हम सभी जानते हैं कि वह कितने शानदार अभिनेता हैं और यह इसलिए एकदम सही मौका था।” राजकुमार राव ने कहा कि ‘टोस्टर’ में सान्या ने हास्य भूमिका में अब तक का सर्वश्रेष्ठ अभिनय किया है। राव ने कहा, “वह (सान्या) फिल्म में बहुत मजेदार किरदार में हैं और जब हमने उनका प्रदर्शन देखा तो हम बहुत खुश हुए। हम सभी सान्या को जानते हैं।
वह सेट पर मजा करना चाहती हैं, लेकिन उनका स्वभाव शांत है। वह शांतचित्त होकर सीट पर बैठना और शांति से ही अपना काम करना पसंद करती हैं, लेकिन फिल्म में जब आप उन्हें (सान्या को) स्क्रीन पर देखेंगे तो वह कमाल नजर आएंगी।’’ पत्रलेखा ने भी कहा कि सान्या शूटिंग के दौरान “धमाल मचा’’ रही थीं। सान्या को फिल्म ‘मिसेज’ में उनके प्रदर्शन के लिए काफी सराहना मिली थी, जो समीक्षकों द्वारा प्रशंसित मलयालम फिल्म ‘द ग्रेट इंडियन किचन’ की रीमेक है। सान्या ने कहा कि वह फिल्म को मिले प्यार के लिए आभारी हैं।
उन्होंने कहा, “मैं बस यही उम्मीद करती हूं कि मेरी बाकी सभी फिल्मों और परियोजनाओं को भी इसी तरह का प्यार और सम्मान मिले।” नेटफ्लिक्स इंडिया की ‘ओरिजिनल फिल्म्स’ की निदेशक रुचिका कपूर शेख ने कहा कि ‘टोस्टर’ बुधवार से ओटीटी मंच पर रिलीज कर दी गयी है। उन्होंने कहा, “यह खासतौर पर रोमांचक था कि विवेक ने निर्देशक के रूप में अपनी दृश्य संवेदनशीलता को सामने रखा, जबकि पत्रलेखा ने निर्माता की भूमिका को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया। नेटफ्लिक्स में हम ऐसी कहानियों की ओर आकर्षित होते हैं, जो भारतीय परिवेश की सच्ची कहानियों पर आधारित हों और जिनसे दर्शक तुरंत जुड़ सकें…।