पसंद आने वाला वीडियो (व्यंग्य)

By संतोष उत्सुक | May 28, 2020

सुप्रसिद्ध न्यूज़ चैनल द्वारा थोक में बड़ी ख़बरें दिखाने के बाद, उदघोषिका ने चहकते हुए कहा, ‘उम्मीद है आपको यह वीडियो पसंद आया होगा'। सचमुच सुकून की बात है कि इलेक्ट्रोनिक मीडिया के ख़ास खिलाड़ी आम दर्शकों की पसंद का कितना ख्याल रख रहे हैं, यह अलग बात है कि देश, दिमाग, समाज और राजनीति पर महामारी का कब्ज़ा है, किसी को समझ नहीं आ रहा कि क्या करना चाहिए। चैनलों को वीडियो मुफ्त मिल रहे हैं। मजदूरों, वंचितों के चेहरे पर दाढ़ी, उदासी, भूख, बीमारी, बेचारगी और विवशता एक जैसी है। वीडियो संपादकों ने वंचितों की मजबूरियों की बढ़िया बैलेंस शीट बनाई, उनके धैर्य का सही विश्लेषण किया और सबसे जल्दी विश्लेषण किया। लाखों मजदूरों की गलती से केस बढे लेकिन अच्छी बात यह है कि सरकार के प्रयासों से मिठाई की दुकानें व कारों के शोरूम खुल रहे हैं, ऐसी सकारात्मक ख़बरों वाला वीडियो किस को पसंद नहीं आएगा।  

 

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कोई सलाह दे न दे लेकिन एक दिन में पांच लाख सलाहें लेकर विश्व रिकार्ड बना दिया। इतने विकट समय में भी प्रेमी अपनी गर्ल फ्रेंड से मिल रहे है। ट्रक, रेल से या पैदल चल रहे देशवासियों के कारण राष्ट्रीय स्टेमिना बढ़ता जा रहा है। एक दिन में करोड़ों का राजस्व सफलता से इकठा करने के बाद शराब की दुकानें खोलने का विरोध हो रहा है। कितनी विविधता है इसमें, कौन यह वीडियो पसंद नहीं करेगा। मजदूरों को जीवित सेहतमंद कीड़ों वाली बिरयानी परोसी गई ताकि वायरस का कीड़ा मर जाए। राजनीति जारी है और शराब की तस्करी भी, इससे दूसरों को भी प्रेरणा मिलेगी। अर्थ व्यवस्था व धर्म व्यवस्था की जंग चल रही है, बारिश हमेशा की तरह प्रशासन की पोल खोल रही है, ख़ुशी की बात है कि थोक महंगाई में गिरावट आई है। शानदार आर्थिक संतुष्टि का वक़्त है क्यूंकि विजय साहब ने अन्तत: पराजय महसूस कर ली है अपना पूरा क़र्ज़ बिना शर्त वापिस करने को तैयार हैं। यह तो किसी बैंकर के ख़्वाब में भी नहीं आया होगा, ऐसी खबर वाला वीडियो सब को पसंद आएगा ही। 

 

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वैश्विक व्यापार दर गिर रही है लेकिन हम किसी न किसी तरीके से आत्म निर्भर होते जा रहे हैं। बिस्लेरी की बोतल समझदारी से काट कर, छोटे बच्चे के नंगे पांव ढकने के लिए आकर्षक जूते डिजाइन कर दिए गए हैं। थकी हुई पीठ पर बूढ़े माता या पिता, भूखी औरत की गोद और कंधे पर निढाल बच्चे, चलते सूटकेस पर सोता बच्चा, ट्रक पर लटकी रस्सी के सहारे सफ़र, दुर्घटनाओं में क्षत विक्षत शव, खून से सनी सड़कें, पुलिस द्वारा भांजी जा रही लाठियां और हज़ारों किलोमीटर चलने का ज़ज्बा यानी इतना कुछ दिलचस्प एक वीडियो में ही। लोकप्रिय मंत्रीजी द्वारा साफ़ सुथरे, आत्म विशवास से लबरेज़ अंगवस्त्र पहन कर महामारी पर गुड गवर्नेस का संवाद। विकट समय में भी चैनल की टीआरपी बनाए रखने के लिए आकर्षक व बढ़िया वीडियो बनाना लाज़मी हैं जिसको दिखाने के बाद, उम्मीद से मुस्कुराते हुए कहना ही पड़ता है, आपको वीडियो पसंद आया होगा। वीडियो बढ़िया था, पसंद आना ही था और लाइक करते हुए, शेयर और सब्स्क्राइब तो करना ही था।  


- संतोष उत्सुक

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