मुझे संतोष है कि सरकार के फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है: राष्ट्रपति कोविंद

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 29, 2021

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी से निपटने में केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को कहा कि सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना काल में बनी वैश्विक परिस्थितियों ने हमें यह याद दिलाया है कि आत्मनिर्भर भारत का निर्माण क्यों इतना महत्वपूर्ण है। यदि अपने महत्व को बढ़ाना है तो दूसरों पर निर्भरता को कम करते हुए आत्मनिर्भर बनना होगा।

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बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए कोविंद ने कहा, ‘‘हमारे लिए गर्व की बात है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। इस अभियान के दोनों टीके भारत में ही निर्मित हैं। संकट के इस समय में भारत ने मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अनेक देशों को कोरोना वैक्सीन की लाखों खुराक उपलब्ध कराई हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मेरी सरकार द्वारा स्वास्थ्य के क्षेत्र में पिछले 6 वर्षों में जो कार्य किए गए हैं, उनका बहुत बड़ा लाभ हमने इस कोरोना संकट के दौरान देखा है।’’

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कोविंद ने कहा, ‘‘ मुझे संतोष है कि मेरी सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है। आज देश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है।’’ उन्होंने अपने अभिभाषण में कहा, ‘‘महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में हमने अनेक देशवासियों को असमय खोया भी है। हम सभी के प्रिय और मेरे पूर्ववर्ती राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन भी कोरोना काल में हुआ। संसद के 6 सदस्य भी कोरोना की वजह से असमय हमें छोड़कर चले गए। मैं सभी के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’

कोविंद ने कहा, ‘‘महामारी के दौर में अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए रिकॉर्ड आर्थिक पैकेज की घोषणा के साथ ही मेरी सरकार ने इस बात का भी ध्यान रखा कि किसी गरीब को भूखा न रहना पड़े।’’ उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ के माध्यम से 8 महीनों तक 80 करोड़ लोगों को 5 किलो प्रतिमाह अतिरिक्त अनाज निशुल्क सुनिश्चित किया गया। कोविंद ने कहा कि सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, कामगारों और अपने घर से दूर रहने वाले लोगों की भी चिंता की।

महामारी के कारण शहरों से वापस आए प्रवासियों को उनके ही गांवों में काम देने के केंद्र सरकार के अभियान का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने छह राज्यों में गरीब कल्याण रोजगार अभियान जिसकी वजह से 50 करोड़ श्रम दिवसों के बराबर रोजगार पैदा हुआ। उन्होंने कहा कि इस दौरानकरीब 31 हजार करोड़ रुपए गरीब महिलाओं के जनधन खातों में सीधे हस्तांतरित किए गए। इस दौरान देशभर में उज्ज्वला योजना की लाभार्थी गरीब महिलाओं को 14 करोड़ से अधिक मुफ्त गैस सिलेंडर भी मिले।

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