By अभिनय आकाश | Jun 20, 2026
महाराष्ट्र के परभणी में शनिवार को एक दुखद घटना में मंदिर की छत का एक हिस्सा ढह गया। शुरुआती खबरों के अनुसार, कई श्रद्धालुओं के मलबे में दबे होने की आशंका है और कई अन्य लोग घायल हुए हैं। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि 30 से 40 लोगों के फंसे होने की आशंका है, आठ लोगों को बचा लिया गया है, पांच की हालत गंभीर है और बाकी लोगों को बचाने का काम जारी है। ताजा खबरों के मुताबिक, पांच लोगों की मौत हो गई और 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए पास के अस्पतालों में भेजा जा रहा है और वे अभी भी नुकसान का अंदाज़ा लगा रहे हैं और यह पता कर रहे हैं कि क्या मलबे के नीचे और लोग फंसे हो सकते हैं। गिरने की सही वजह अभी पता नहीं चली है। बचाव कार्य जारी है और आगे की जानकारी का इंतज़ार है। यह घटना ऐसे समय में हुई जब सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए मंदिर में जमा हुए थे, क्योंकि आमतौर पर शनिवार को हनुमान मंदिरों में ज़्यादा भीड़ होती है। मंदिर में भीड़ के दौरान, बन रहे असेंबली हॉल की छत का एक हिस्सा और एक सपोर्टिंग पिलर अचानक गिर गया, जिससे नीचे खड़े श्रद्धालु उसकी चपेट में आ गए और मौके पर अफरातफरी मच गई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हर शनिवार को ज़िले भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा के लिए यशवाड़ी मंदिर आते हैं। आज भी, प्रार्थना के लिए मंदिर परिसर में भारी भीड़ जमा हुई थी। इसी बीच, मुख्य मंदिर के सामने बन रहे हॉल का एक पिलर अचानक गिर गया, जिससे इलाके में अफरातफरी और भगदड़ मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पिलर के मलबे के नीचे 50 से ज़्यादा श्रद्धालुओं के फंसे होने की आशंका है। घटना की खबर मिलते ही मनवत पुलिस के असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर शिंदे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख जताते हुए कहा, परभणी ज़िले के यशवाड़ी में बन रहे हनुमान मंदिर की छत का एक हिस्सा गिरने से कुछ श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। मैं मारे गए श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि देता हूँ और पीड़ित परिवारों के दुख में शामिल हूँ। हादसे में घायल लोगों का इलाज चल रहा है। स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और तेज़ी से राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
एम्बुलेंस सेवाएँ मौके पर पहुँच गई हैं और घायलों को तुरंत मदद पहुँचाने की कोशिशें की जा रही हैं। प्रशासन और पुलिस हालात पर नज़र रखे हुए हैं। गौरतलब है कि मंदिर के असेंबली हॉल का निर्माण पिछले कई दिनों से चल रहा था। अब छत गिरने की इस घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।