By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 18, 2026
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि के मामले में अदालत में पेश होते हुए विनायक दामोदर (वी डी) सावरकार के पोते ने दावा किया कि नाथूराम गोडसे द्वारा गोली मारे जाने के बाद महात्मा गांधी 20 मिनट तक उसी जगह पर पड़े रहे और उन्हें कोई अस्पताल नहीं ले गया, जिससे उनके प्रति तत्कालीन सरकार की उदासीनता का पता चलता है। राहुल गांधी की ओर से पेश वकील मिलिंद पवार ने सोमवार को पुणे की सांसद/विधायक अदालत के विशेष न्यायाधीश अमोल शिंदे के सामने विनायक दामोदर सावरकर के पोते सत्यकी सावरकर से जिरह की। इस बीच, सत्यकी के वकील संग्राम कोल्हटकर ने अदालत में एक अर्ज़ी दाखिल कर राहुल गांधी के पुणे दौरे (जो 22 अगस्त को तय है) के दौरान उनके आवाज़ के नमूने लेने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा, ‘‘यह गांधीजी के प्रति उस समय की सरकार की उदासीनता थी।’’ राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला सत्यकी ने दायर किया था। सत्यकी का आरोप था कि कांग्रेस नेता ने झूठा दावा किया था कि वी.डी. सावरकर ने अपनी एक किताब में लिखा है कि कैसे उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक मुस्लिम युवक पर हमला किया था और इस काम से उन्हें मज़ा आया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि सावरकर की रचनाओं में ऐसी किसी घटना का जिक्र नहीं है।